पवित्र सावन मास का आगाज: कुबेरेश्वर धाम में उमड़ा आस्था का सैलाब, कांवडिय़ों ने किया सीवन नदी के जल से जलाभिषेक

सीहोर। पवित्र श्रावण मास के शुभारंभ के साथ ही कुबेरेश्वर धाम में आस्था और भक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला। सावन के पहले ही दिन हजारों श्रद्धालुओं और कांवडिय़ों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। शहर से लेकर कुबेरेश्वर धाम मार्ग हर-हर महादेव, बोल बम और श्री शिवाय नमस्तुभ्यं के जयकारों से गूंज उठा है।
बता दें तडक़े से ही शहर की सीवन नदी के तट पर हजारों शिवभक्त एकत्रित होने लगे थे। कांवडिय़ों ने सीवन नदी में पवित्र स्नान कर जल भरा और पैदल यात्रा करते हुए कुबेरेश्वर धाम पहुंचे। धाम पहुंचकर भक्तों ने भगवान कुबेरेश्वर महादेव का जलाभिषेक किया और अपने परिवार की सुख, समृद्धि व आरोग्यता की मंगल कामना की।
दिखावे की नहीं, सच्चे समर्पण की जरूरत
श्रावण मास के पावन अवसर पर कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने सभी शिवभक्तों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि सावन का महीना भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त करने का समय है। भक्ति में दिखावे के बजाय सच्चा विश्वास और समर्पण होना चाहिए।
पंडित मिश्रा ने भगवान श्री गणेशजी के जीवन प्रसंग का उदाहरण देते हुए समझाया, जिस प्रकार गणेशजी ने अपने माता-पिता शिव-पार्वती को ही पूरा संसार मानकर उनकी परिक्रमा की और प्रथम पूज्य बने, उसी तरह श्रद्धालुओं को भी निष्ठा और सच्चे मन से प्रभु की आराधना करनी चाहिए।
शिवालय की सफाई भी पूजा के समान
पं. प्रदीप मिश्रा ने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे प्रतिदिन अपने नजदीकी मंदिर जाकर शिवलिंग पर जल अवश्य अर्पित करें। उन्होंने एक महत्वपूर्ण संदेश देते हुए कहा कि यदि किसी कारणवश जल चढ़ाना संभव न हो तो मंदिर परिसर में साफ सफाई करना या सेवा देना भी शिव पूजा के ही समान है। सेवा और अच्छे कर्म ही भगवान भोलेनाथ को सबसे प्रिय हैं।



