Newsआष्टाइछावरजावरनसरुल्लागंजबुदनीमध्य प्रदेशरेहटीसीहोर

पंचकर्म परामर्श एवं आयुर्वेद चिकित्सा शिविर में उमड़े लोग, बच्चों को किया गया स्वर्णप्राशन, विशेषज्ञों ने दिए सेहत के टिप्स

सीहोर। अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा एवं आत्रेय आयुर्वेदिक चिकित्सालय जयपुर के संयुक्त तत्वावधान में लगातार तीसरे वर्ष पंचकर्म परामर्श एवं आयुर्वेद चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। नया बस स्टैंड परिसर स्थित नवीन हनुमान मंदिर में आयोजित इस शिविर में बड़ी संख्या में पहुंचे नागरिकों ने आयुर्वेदिक पद्धतियों से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का समाधान और परामर्श प्राप्त किया।
शिविर का शुभारंभ समाजसेवी रुद्रप्रकाश राठौर, अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के संभागीय अध्यक्ष डॉ. महेन्द्र सिंह राठौड़ एवं जिलाध्यक्ष गणेश सिंह चौहान द्वारा भगवान धन्वंतरि और हनुमान जी के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर अतिथियों ने कहा कि आयुर्वेद हमारी सनातन और प्राचीन चिकित्सा परंपरा है, जो केवल बीमारियों का इलाज ही नहीं करती, बल्कि व्यक्ति को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए भी प्रेरित करती है।
लगातार तीसरे वर्ष हुआ आयोजन
आयोजकों ने बताया कि आमजन को पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से यह आयोजन लगातार तीसरे वर्ष किया जा रहा है। शिविर का नेतृत्व सेवानिवृत्त आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी डॉ. एसएन शर्मा ने किया। उन्होंने शिविर में आए लोगों को दिनचर्या, संतुलित आहार, योग और पंचकर्म चिकित्सा के फायदों की जानकारी दी। डॉ. शर्मा ने कहा कि नियमित दिनचर्या, सही खान-पान और आयुर्वेदिक सिद्धांतों को अपनाकर मनुष्य कई गंभीर बीमारियों से बच सकता है।
नि:शुल्क स्वर्णप्राशन संस्कार
इस चिकित्सा शिविर का मुख्य आकर्षण बच्चों के लिए रखा गया स्वर्णप्राशन संस्कारश् रहा। शिविर में पहुंचे बच्चों को पूरी तरह नि:शुल्क स्वर्णप्राशन कराया गया, जो बच्चों की इम्युनिटी रोग प्रतिरोधक क्षमता और मानसिक विकास में अत्यंत सहायक माना जाता है। चिकित्सकों ने अभिभावकों को बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य, सही पोषण और अच्छी दिनचर्या से जुड़े महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
समाज हित में जारी रहेंगे ऐसे आयोजन
जिलाध्यक्ष गणेश सिंह चौहान ने कहा कि इस प्रकार के स्वास्थ्य शिविरों का मुख्य ध्येय समाज के अंतिम व्यक्ति तक आयुर्वेद की उपयोगिता पहुंचाना और लोगों को निरोगी बनाना है। आयोजन को सफल बनाने में योग प्रशिक्षक सुरेश राठौर, धीरेन्द्र सिंह रजावत, जितेंद्र सिंह राठौड़, गोपाल सिंह ठाकुर, रामजी सिंह परिहार, शिवशंकर सिंह, लखन सिंह गौर, शैलेन्द्र सिंह चन्देल, मुकेश दरबार एवं सीता परिहार सहित अनेक समाजजनों एवं कार्यकर्ताओं का योगदान रहा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button