ई-अटेंडेंस के विरोध में कृषि विस्तार अधिकारियों की कलमबंद हड़ताल शुरू, आंदोलन की दी चेतावनी

सीहोर। मध्य प्रदेश कृषि विस्तार अधिकारी संघ के प्रांतीय आह्वान पर जिले के कृषि विस्तार अधिकारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन शुरू कर दिया है। आंदोलन के तहत अधिकारियों ने कलमबंद हड़ताल शुरू करते हुए ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता का कड़ा विरोध किया है। संघ ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा।
ई-अटेंडेंस में व्यावहारिक कठिनाइयां
कृषि विस्तार अधिकारियों का कहना है कि उनकी नौकरी की प्रकृति पूरी तरह से फील्ड वर्क और भ्रमण पर आधारित है। अधिकारियों को प्रतिदिन किसानों के खेतों, दूर-दराज के गांवों और विभिन्न शासकीय कार्यक्रमों में जाकर कृषि योजनाओं के क्रियान्वयन, उन्नत तकनीकों के प्रचार-प्रसार और किसानों की समस्याओं का समाधान करना पड़ता है। ऐसे में अनिवार्य रूप से रोजाना ई-अटेंडेंस लगाना व्यावहारिक रूप से बेहद कठिन और चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है।
संघ की प्रमुख मांगें
ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता समाप्त हो: ई-अटेंडेंस की व्यवस्था को हटाकर पूर्व की भांति पारंपरिक उपस्थिति व्यवस्था लागू की जाए।
ग्रेड पे में सुधार: कृषि विस्तार अधिकारी संवर्ग को वर्तमान 2400 ग्रेड पे के स्थान पर 2800 ग्रेड पे प्रदान किया जाए।
भत्ते में बढ़ोतरी: अतिरिक्त केंद्र भत्ते को वर्तमान 500 से बढ़ाकर 5000 प्रतिमाह किया जाए।
कामकाज का पूर्ण बहिष्कार
संघ ने साफ कर दिया है कि आंदोलन के दौरान जिले के सभी कृषि विस्तार अधिकारी विभागीय व मैदानी कार्यों का पूर्ण रूप से बहिष्कार करेंगे। संघ के जिला अध्यक्ष लाड़सिंह बकोरिया ने बताया कि उनकी मांगें लंबे समय से लंबित हैं। मैदानी कार्य की वास्तविक स्थिति को देखते हुए ई-अटेंडेंस की व्यवस्था में तत्काल बदलाव जरूरी है। उन्होंने शासन से मांगों पर सकारात्मक विचार करते हुए शीघ्र आदेश जारी करने का अनुरोध किया है।



