11 किमी लंबे मार्ग पर उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब, सीहोर में कांवड़ यात्रा का भव्य आगाज

सीहोर। धार्मिक आस्था और शिवभक्ति के नक्शे पर अब मध्य प्रदेश का सीहोर जिला उज्जैन और ओंकारेश्वर जैसी पहचान बना चुका है। सावन और प्रदोष के दुर्लभ महासंयोग पर आज पूरी धर्मनगरी भगवान भोलेनाथ के जयकारों से गुंजायमान हो उठी। विख्यात कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के सानिध्य में सीवन नदी के तट से कुबेरेश्वर धाम तक 11 किलोमीटर लंबी ऐतिहासिक कांवड़ यात्रा का भव्य आगाज हुआ। सीवन नदी के जल से विधि-विधानपूर्वक पूजन के बाद जल भरकर लाखों श्रद्धालुओं का जत्था धाम की ओर रवाना हुआ।

कांवड़ यात्रा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि प्रदोष काल में भगवान शिव अत्यंत प्रसन्न मुद्रा में होते हैं। शास्त्रों के अनुसार स्वयं माता पार्वती और लंकापति रावण ने भी भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए इसी शुभ योग में कांवड़ यात्रा निकाली थी। मान्यता है कि इस पावन दिन सीवन नदी का पवित्र जल लेकर कुबेरेश्वर धाम में जलाभिषेक करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
1200 जवानों की तैनाती और हाईवे डायवर्जन
विशाल जनसैलाब को देखते हुए जिला व पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए व्यापक प्रबंध किए हैं, जिसमें सीहोर शहर से 11 किमी लंबे यात्रा मार्ग, कुबेरेश्वर धाम परिसर और हाईवे पर 1200 पुलिसकर्मियों का कड़ा पहरा है। इनमें 400 स्थानीय पुलिसकर्मियों के अलावा 800 जवान अन्य जिलों से विशेष रूप से बुलाए गए हैं। इंदौर-भोपाल राष्ट्रीय राजमार्ग पर ट्रैफिक को डायवर्ट किया गया है और शहर के बाहरी हिस्सों में विशाल पार्किंग स्थल बनाए गए हैं ताकि आम यात्रियों को असुविधा न हो।
600 नलए 100 से अधिक सेवा स्टॉल
श्रद्धालुओं को किसी परेशानी या धक्का-मुक्की का सामना न करना पड़े, इसके लिए सीवन नदी तट पर आधा किलोमीटर के दायरे में पाइपलाइन बिछाकर 600 से अधिक नल लगाए गए हैं। पैदल मार्ग में स्थानीय नागरिकों व सामाजिक संगठनों द्वारा 100 से अधिक स्वागत स्टॉल लगाए गए हैं, जहां कांवड़ यात्रियों के लिए चाय, फलाहारी खिचड़ी, नाश्ता और ठंडे पानी का निरंतर वितरण किया जा रहा है। पूरी यात्रा के दौरान मेडिकल टीमें तैनात हैं और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए जगह-जगह प्राथमिक चिकित्सा केंद्र और एम्बुलेंस की व्यवस्था की गई है।

मिनी भारत में बदला सीहोर
मध्य प्रदेश के कोने-कोने के साथ-साथ महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली और उत्तर प्रदेश से भी लाखों की संख्या में शिवभक्त सीहोर पहुंचे हैं। शहर की हर गली और मुख्य मार्ग भगवामय हो चुके हैं, जिससे सीहोर में इस वक्त एक मिनी भारत का दृश्य दिखाई दे रहा है। 11 किलोमीटर का यह पैदल मार्ग अब एक भव्य धार्मिक उत्सव का रूप ले चुका है। सीहोर शहर सडक़ों पर कांवडि़एं ही कांवडि़एं नजर आ रहे हैं।



