Newsआष्टाइछावरजावरनसरुल्लागंजबुदनीमध्य प्रदेशरेहटीसीहोर

एसडीओपी अधिकारियों ने संभाली कमान, योग-ध्यान के साथ पेंडिंग केसों पर किया फोकस

हरि रविवार-थाना परिवार का आयोजन

सीहोर। जिले में पुलिस बल की कार्यक्षमता बढ़ाने, मानसिक तनाव दूर करने और लंबित प्रकरणों के त्वरित व गुणवत्तापूर्ण निराकरण के लिए रविवार को हर रविवार-थाना परिवार अभियान का आयोजन किया गया। इस अभियान के दौरान जिले के अनुविभागीय अधिकारियों (एसडीओपी) ने खुद मैदानी स्तर पर मोर्चा संभालते हुए अपने-अपने अनुभाग के थानों में गतिविधियों का नेतृत्व किया। यह आयोजन पुलिस महानिरीक्षक भोपाल देहात जोन रुचिवर्धन मिश्र के निर्देशों, उप पुलिस महानिरीक्षक देहात रेंज राजेश सिंह चंदेल के मार्गदर्शन एवं पुलिस अधीक्षक सोनाक्षी सक्सेना के नेतृत्व में संपन्न हुआ।
अभियान को जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाने के लिए जिले के अनुविभागीय अधिकारी खुद थानों में पहुंचे और समस्त गतिविधियों की अगुवाई की। एसडीओपी बुधनी रवि शर्मा ने थाना शाहगंज में उपस्थित रहकर गतिविधियों की कमान संभाली। एसडीओपी भेरूंदा रोशन जैन ने थाना भेरूंदा में नेतृत्व प्रदान किया। एसडीओपी आष्टा दामोदर गुप्ता ने थाना पार्वती में उपस्थित रहकर अभियान का संचालन किया। एसडीओपी सीहोर पूजा शर्मा ने थाना अहमदपुर में मोर्चा संभालते हुए पूरी व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
योग और ध्यान से तनावमुक्त कार्यशैली की पहल
दिन की शुरुआत एसडीओपी अधिकारियों की मौजूदगी में आयोजित हार्टफुलनेस योग एवं ध्यान सत्र से हुई। प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में पुलिस बल के साथ एसडीओपी अधिकारियों ने योगासन, प्राणायाम और सामूहिक ध्यान का अभ्यास किया। एसडीओपी अधिकारियों ने उपस्थित पुलिसकर्मियों को प्रेरित करते हुए कहा कि पुलिस सेवा में मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य अत्यंत महत्वपूर्ण है। नियमित योग और ध्यान से न केवल दैनिक कार्य-तनाव कम होता है, बल्कि कठिन और आपातकालीन परिस्थितियों में सटीक निर्णय लेने की क्षमता, सकारात्मक दृष्टिकोण और कार्यकुशलता में अभूतपूर्व वृद्धि होती है।
विवेचकों को दिए कड़े निर्देश
योग सत्र के पश्चात एसडीओपी अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों के थाना प्रभारियों और विवेचकों के साथ सीधी समीक्षा बैठक की। बैठक में पेंडिंग अपराध, मर्ग, चालान, समंस-वारंट और लंबित शिकायतों की गहन समीक्षा करते हुए दिशा-निर्देश दिए…
– महिला और बाल सुरक्षा से जुड़े मामलों में उच्चतम संवेदनशीलता बरतते हुए जांच को निर्धारित समय-सीमा के भीतर अनिवार्य रूप से पूरा करने के निर्देश दिए गए।
सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा करते हुए 100 दिवस से अधिक समय से लंबित शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर और आवेदक की पूर्ण संतुष्टि के साथ निराकरण करने पर जोर दिया गया।
– घटनास्थलों से प्राप्त ऑडियो, वीडियो और अन्य डिजिटल साक्ष्यों का वैज्ञानिक तरीके से संधारण कर न्यायालयीन प्रक्रिया में प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
– विवेचकों को टैबलेट प्रणाली एवं डिजिटल टूल्स में दक्ष बनकर आधुनिक तकनीकों का उपयोग करने की हिदायत दी गई।
– लंबे समय से फरार चल रहे आरोपियों की धरपकड़ और स्थाई वारंटों की शत-प्रतिशत तामीली के लिए विशेष प्रयास करने को कहा गया।
– साइबर शिकायतों में एसओपी का कड़ाई से पालन करने तथा पोर्टल पर दर्ज गंभीर मामलों, एससी/एसटी राहत प्रकरणों और सीआईएआर नोटिसों का शीघ्र निपटारा करने के कड़े निर्देश जारी किए गए।
डायल-112 का औचक निरीक्षण
समीक्षा बैठक के बाद एसडीओपी अधिकारियों ने थाना परिसरों की स्वच्छता, अभिलेखों के रख रखाव, हवालात और शस्त्रागार की सुरक्षा व्यवस्था का बारीकी से निरीक्षण किया। साथ ही आपातकालीन सेवा डायल-112 के वाहनों की तकनीकी स्थिति और रिस्पॉन्स टाइम की समीक्षा की गई। एसडीओपी अधिकारियों ने निर्देश दिए कि डायल-112 का रिस्पॉन्स टाइम न्यूनतम रखा जाए ताकि किसी भी सूचना पर पुलिस बल बिना किसी देरी के त्वरित सहायता पहुंचा सके।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button