Newsआष्टाइछावरजावरनसरुल्लागंजबुदनीमध्य प्रदेशरेहटीविशेषसीहोर

शासकीय सांदीपनि स्कूल रेहटी के घटिया एवं अधूरे निर्माण ने रोका लोकार्पण, भैरूंदा में आज

- बिल्डिंग, खेल मैदान सहित कई काम अधूरे, कैमरे भी नहीं लगे, छत की हो रही रिपेयरिंग, पार्किंग का काम भी अधूरा, ठेकेदार-जिम्मेदार बेपरवाह

सीहोर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं पूर्व मुख्यमंत्री व केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के ड्रीम प्रोजेक्ट में से एक शासकीय सांदीपनि स्कूलों का निर्माण भ्रष्टाचार एवं लापरवाही की भेंट चढ़ गया। यही कारण है कि शासकीय सांदीपनि स्कूल रेहटी के अधूरे एवं घटिया निर्माण ने स्कूल के लोकार्पण पर ही ब्रेक लगा रखा गया है। निर्माण एजेंसी एवं ठेकेदार को बार-बार बोलने के बाद भी अब तक बिल्डिंग का कार्य अधूरा है। स्थिति यह है कि नई बिल्डिंग में ही फिर से रिपेयरिंग की नौबत आ गई है। ऐसे में भवन निर्माण की गुणवत्ता पर भी सवालिया निशान हैं। इसी बीच शासकीय सांदीपनि स्कूल भैरूंदा का लोकार्पण कार्यक्रम 27 सितंबर को होने जा रहा है। इसमें मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान शामिल हो रहे हैं तो वहीं कार्यक्रम की अध्यक्षता क्षेत्रीय विधायक रमाकांत भार्गव करेंगे। लोकार्पण की भव्य तैयारियां भी की गईं हैं।
34 करोड़ की लागत, फिर भी घटिया निर्माण-

बुधनी विधानसभा के रेहटी में शासकीय सांदीपनि स्कूल का निर्माण करीब 34 करोड़ 10 लाख रुपए की भारी-भरकम लागत से वीवीसी इंफ्रा कंपनी द्वारा किया गया। इसकी निर्माण एजेंसी मध्यप्रदेश बिल्डिंग डेवलपमेंट कारपोरेशन (एमपीबीडीसी) लिमिटेड है। भवन निर्माण को लेकर निर्माण एजेंसी एवं ठेकेदार दोनों की ही लगातार लापरवाही और हठधर्मिता सामने आ रही है। बिल्डिंग का निर्माण इतना घटिया हुआ है कि लोकार्पण से पहले ही बिल्डिंग में रिपेयरिंग का काम शुरू हो गया है। बारिश के दौरान छतों पर पानी टपका तो अब छतों को फिर से रिपेयरिंग किया जा रहा है। इसके चलते आधा सत्र बितने के बाद भी स्कूल का लोकार्पण नहीं हो पा रहा है। बिना लोकार्पण के ही स्कूल लगना भी शुरू हो गया है। बताया जा रहा है कि इस अधूरे एवं घटिया निर्माण कार्य के बीच ही स्कूल का कुछ हिस्सा हैंडओव्हर भी ले लिया गया है।
अधूरा एवं घटिया निर्माण बना बाधा-
शासकीय सांदीपनि स्कूल रेहटी का लोकार्पण भी भैरूंदा स्कूल के साथ कराने की तैयारियां थीं। इसके लिए केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान से भी समय मांगा गया था, लेकिन स्कूल का अधूरा एवं घटिया निर्माण लोकार्पण में बाधा बनकर सामने आया।
ये हैं अभी कमियां-
– स्कूल में अब तक सीसीटीव्ही कैमरे नहीं लगाए गए हैं।
– खेल का मैदान भी तैयार नहीं है। कोपरा डालकर ठेकेदार ने जिम्मेदारी पूरी कर दी।
– बिल्डिंग में कई जगह क्रेक हैं उन्हें भी रिपेयर नहीं किया गया है।
– बिजली फिटिंग, नल भी घटिया क्वालिटी के होने के कारण टूट गए हैं, जिन्हें भी नहीं लगाया गया है।
– पार्किंग भी तैयार नहीं है, जिसके कारण बच्चों को स्कूल की छत के नीचे ही अपनी गाड़ियां पार्क करनी पड़ रही है।
– सीवेज लाईन भी दुरूस्त नहीं है, जिसके कारण सीवेज का पानी बाहर आ रहा है।
– नई बिल्डिंग की छत को रिपेयरिंग किया जा रहा है। यहां से बारिश के दिनों में पानी का रिसाब हुआ था।
– डोम का निर्माण भी होना है। यहां पर शेड बनना है, लेकिन अब तक शुरू ही नहीं हुआ।
– मध्यान्ह भोजन एवं स्कूल के बीच में बच्चों को आने-जाने के लिए भी शेड बनना है, लेकिन नहीं बनाया गया।
– पुरानी बिल्डिंग को भी तोड़कर मैदान बनाकर देना था, लेकिन ठेकेदार एवं निर्माण एजेंसी ने बिल्डिंग को भी नहीं तोड़ा।
– पुरानी बिल्डिंग को नहीं तोड़ने की स्थिति में उसे रिपेयर करने पर सहमति बनी थी, खिड़की, दरबाजे सहित बिल्डिंग को रिपेयर करना था, लेकिन वह भी नहीं किया गया।
– नई बिल्डिंग में पुताई का कार्य भी अधूरा है। पुरानी बिल्डिंग में की गई पुताई भी पूरी तरह से धुल गई।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Quand le café du matin refroidit trop vite, c'est souvent une question de préparation. Les recettes des restaurants méritent alors qu'on s'y attarde. comment éviter le jus des aubergines rôties trempage express ou prolongé : haricots tendres En été, farce égouttée pour vareniki pâtes fondantes, sauce oignon-parmesan pour un déjeuner rapide et frais À l'arrivée de l'automne, cette idée trouve naturellement sa place dans une cuisine de café, simple et chaleureuse.