लोन दिलाने के नाम पर रूपादा के 5 ग्रामीणों से 4 लाख की ठगी

सीहोर। इछावर थाना अंतर्गत रूपादा गांव में बैंक लोन दिलाने के नाम पर पांच ग्रामीणों से लाखों रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। आरोपी ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से 6-6 लाख रुपए का लोन स्वीकृत कराने का झांसा देकर ग्रामीणों से कुल 4 लाख रुपए ऐंठ लिए। जब ग्रामीणों को अपने साथ हुई धोखाधड़ी का अहसास हुआ तो उन्होंने चतुराई दिखाते हुए आरोपी को बाकी पैसे देने के बहाने तहसील बुलाया और पुलिस के हवाले कर दिया।
जानकारी के अनुसार रूपादा गांव के निवासी बलराम, गोविंद, राजमल, सुरेश और मुकेश को अपने निजी व खेती-किसानी के कामों के लिए लोन की आवश्यकता थी। इसी दौरान उनकी मुलाकात भाउखेड़ी निवासी पिंटू परमार से हुई। पिंटू ने खुद को बैंक से लोन कराने वाला बताते हुए दावा किया कि वह स्टेट बैंक से प्रत्येक व्यक्ति को 6 लाख रुपए का लोन दिलवा देगा। लोन की एवज में आरोपी ने उनसे कुल 7 लाख रुपए मॉर्गेज फीस और प्रक्रिया शुल्क के नाम पर मांगे। उसकी बातों के झांसे में आकर पीडि़तों ने दो किस्तों में आरोपी पिंटू परमार को 4 लाख रुपए नकद दे दिए।
टालमटोल पर हुआ शक, योजना बनाकर आरोपी को पकड़ा
पैसे लेने के काफी दिनों बाद भी जब लोन की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी तो पीडि़तों ने आरोपी से दस्तावेज और स्वीकृत पत्र मांगे। इस पर पिंटू लगातार बहानेबाजी और टालमटोल करने लगा। आरोपी की हरकतों से ग्रामीणों को उस पर गहरा शक हुआ। इसके बाद पीडि़तों ने अपने ठगे गए पैसे वापस पाने और आरोपी को पकडऩे के लिए एक योजना बनाई। उन्होंने पिंटू को फोन कर कहा कि वे बाकी बचे 3 लाख रुपए देने के लिए तैयार हैं और उसे पैसे लेने के लिए इछावर तहसील परिसर बुला लिया।
डायल-112 की मदद से आरोपी गिरफ्तार
जैसे ही आरोपी पिंटू परमार बाकी के 3 लाख रुपए लेने इछावर तहसील परिसर पहुंचा, वहां पहले से मौजूद ग्रामीणों ने उसे घेर लिया और तुरंत डायल-112 पर पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुँची पुलिस टीम ने आरोपी को हिरासत में लिया और इछावर थाने ले आई।
पीडि़तों ने दर्ज कराई शिकायत, जांच जारी
पीडि़त ग्रामीणों ने इछावर पुलिस थाने में आवेदन देकर आरोपी पिंटू परमार के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और ठगे गए 4 लाख रुपए वापस दिलाने की गुहार लगाई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ग्रामीणों की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है और आरोपी से पूछताछ की जा रही है।



