कोसमी में आदिवासियों का धरना जारी, कमिश्नर-कलेक्टर के दौरे के बाद भी नहीं निकला समाधान, भोपाल कूच की चेतावनी
कोसमी गांव पहुंचे भोपाल संभागायुक्त कर्मवीर शर्मा, अतिक्रमण हटाने की वस्तुस्थिति का लिया जायजा

सीहोर। भैरूंदा तहसील अंतर्गत आने वाले ग्राम कोसमी में आदिवासियों का धरना प्रदर्शन अब और अधिक गंभीर रूप लेता जा रहा है। वन भूमि से हटाए गए अतिक्रमण के मामले को लेकर धरने पर बैठे आदिवासियों का आंदोलन बुधवार को चौथे दिन भी पूरी मजबूती के साथ जारी रहा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए भोपाल संभागायुक्त कर्मवीर शर्मा और कलेक्टर बालागुरू के. सहित प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा, लेकिन फिलहाल इस विवाद का कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका है।
बुधवार को भोपाल संभागायुक्त कर्मवीर शर्मा ग्राम कोसमी पहुंचे। उन्होंने गत दिवस वन क्षेत्र से हटाए गए अतिक्रमण की वास्तविक स्थिति का बारीकी से जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने संबंधित प्रभावित परिवारों से सीधे चर्चा कर उनकी समस्याएं सुनीं। निरीक्षण के पश्चात संभागायुक्त ने ग्राम पंचायत भवन में संबंधित परिवारों और अन्य ग्रामीणों के साथ लंबी चर्चा की। इस उच्चस्तरीय दौरे के दौरान कलेक्टर बालागुरू के., पुलिस अधीक्षक सोनाक्षी सक्सेना, एसडीएम सुधीर कुशवाह सहित विभिन्न विभागों के प्रमुख अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशासन यह पता लगाने का प्रयास कर रहा है कि संबंधित परिवारों के पास गांव में रहने के लिए कोई अन्य वैकल्पिक जगह है या वे पूरी तरह इसी अतिक्रमित जमीन पर निर्भर हैं। कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि सभी पक्षों के तथ्यों की गहन जांच के बाद रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
पीडि़त परिवार का पंचायत में जाने से इनकार
धरना समाप्त कराने के लिए प्रशासन ने पूरी ताकत झोंक दी, लेकिन पीडि़त परिवार और प्रदर्शनकारियों का रुख बेहद कड़ा रहा। जब अधिकारियों ने ग्रामीणों को ग्राम पंचायत भवन में आकर बातचीत करने के लिए कहा तो उन्होंने साफ इनकार कर दिया। प्रदर्शनकारियों का दो टूक कहना था कि ष्वे धरना स्थल से कहीं नहीं हिलेंगे, जिसे भी बात करनी है, वह खुद चलकर धरना स्थल पर आए। हालांकि बाद में एसडीएम और टीआई की समझाइश के बाद गांव के दो लोगों ने पंचायत पहुंचकर कलेक्टर और कमिश्नर के सामने अपना पक्ष रखा, लेकिन इसके बावजूद बातचीत बेनतीजा रही।
प्रशासन के जवाब से असंतुष्ट ग्रामीण, दी चेतावनी
धरने पर बैठे लोगों का कहना है कि पांच दिन बीत जाने के बाद भी प्रशासन की ओर से उनकी मांगों पर कोई संतोषजनक जवाब या स्पष्ट आश्वासन नहीं मिला है। इसी उपेक्षा से नाराज होकर प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें शीघ्र पूरी नहीं हुईं तो गुरुवार सुबह 8 बजे 10 से 15 हजार लोग एकजुट होकर पैदल मार्च निकालेंगे। यह कारवां सीधे भोपाल स्थित मुख्यमंत्री आवास पहुंचेगा और मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी बात रखेगा।



