केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह का संदेश: बेटी के साथ दुराचार करने वालों में होती है रावण की प्रवृत्ति, नशे रूपी रावण का भी हो अंत

सीहोर। विजयादशमी के पावन पर्व पर विदिशा-बुदनी संसदीय सीट से सांसद एवं केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक वीडियो रील के माध्यम से देश और प्रदेशवासियों को विजयादशमी की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान उन्होंने समाज में व्याप्त कुछ गंभीर बुराइयों विशेषकर बेटियों के खिलाफ होने वाले अपराधों और नशे की बढ़ती प्रवृत्ति पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने दो टूक कहा कि बेटियों के साथ दुराचार करने वालों की प्रवृत्ति असल में रावण जैसी होती है।
विजयादशमी के अवसर पर अपने विचार साझा करते हुए केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि देश भर में बुराई पर अच्छाई और अधर्म पर धर्म की जीत का यह पर्व पूरे उमंग के साथ मनाया जा रहा है। आज जगह-जगह रावण के पुतले जलेंगे, लेकिन उनके मन में अक्सर यह सवाल आता है कि क्या रावण के पुतले जलाने के साथ हमारे समाज की बुराइयां भी पूरी तरह जल पाती हैं।
उन्होंने कहा कि बेटियों के साथ होने वाली जघन्य घटनाओं से मन बेहद व्यथित होता है, जिन्हें शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता। ऐसी घटनाओं को रोकना ही वास्तव में रावण रूपी बुराई का अंत करना है। उन्होंने समाज से सवाल किया कि क्यों न हम हर पल मां,े बहन और बेटी का सम्मान सुनिश्चित करें और ऐसी घटनाओं को हमेशा के लिए समाप्त कर दें। विजयादशमी का संदेश केवल पुतले जलाने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि समाज की कुरीतियों को मिटाने का संकल्प होना चाहिए।
नशे की प्रवृत्ति को बताया देश के लिए बड़ा खतरा
केंद्रीय कृषि मंत्री ने युवाओं में तेजी से बढ़ रहे नशे के चलन पर भी गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि नशा नाश की जड़ है। आज देश के बाहर की कई ऐसी ताकतें सक्रिय हैं, जो भारत और यहां की युवा पीढ़ी को कमजोर करने के लिए तरह-तरह के नशे देश में भेजने की साजिश रच रही हैं।
श्री चौहान ने नशे की इस प्रवृत्ति को भी रावण जैसी बड़ी बुराई करार देते हुए आह्वान किया कि समाज को मिलकर इस नशे रूपी रावण का भी अंत करना होगा, तभी विजयादशमी के पर्व के पीछे हमारे भारतीय चिंतकों और समाज की मूल भावना है, वह सार्थक हो सकेगी।
सन्मार्ग पर चलने और अच्छाई का साथ देने की अपील
वाहन पूजन कर विजयादशमी का पर्व मनाने वाले केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने देशवासियों, भाइयों-बहनों और भांजे-भांजियों को विजय पर्व की बधाई दी। उन्होंने संदेश दिया कि सभी लोग हमेशा सन्मार्ग पर चलें और अच्छाई का साथ दें, क्योंकि भगवान श्रीराम अच्छाई के प्रतीक हैं जबकि रावण बुराई का। उन्होंने अंत में ईश्वर से कामना की कि सभी पर मां की कृपा और आशीर्वाद हमेशा बना रहे, देशवासी सुखी हों, निरंतर आगे बढ़ें और देश की प्रगति में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें।



