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भोपाल जैसी गलती सीहोर में न दोहराई जाए, मास्टर प्लान को लेकर कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने सीएम को लिखा पत्र

मास्टर प्लान में किसान-व्यापारियों और आम जनता के हितों का ध्यान रखने की कही बात

सीहोर। राजधानी भोपाल के मास्टर प्लान को लेकर चल रही चर्चाओं और चिंताओं के बीच अब सीहोर में भी सुगबुगाहट तेज हो गई है। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजीव गुजराती ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को एक पत्र लिखा है। पत्र के जरिए उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की है कि सीहोर शहर और आसपास के इलाकों के लिए जो नया मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है, उसमें भोपाल जैसी प्रशासनिक या व्यावहारिक चूक न दोहराई जाए, जिससे आम जनताए किसानों और व्यापारियों को परेशानियों का सामना करना पड़े।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजीव गुजराती ने अपने पत्र में इस बात पर जोर दिया है कि भोपाल के मास्टर प्लान को लेकर हाल के दिनों में जिस तरह की असमंजस की स्थिति और चिंताएं सामने आई हैंए वे गंभीर चेतावनी हैं। किसी भी शहर का विकास भविष्य की मजबूत नींव पर होना चाहिए, न कि ऐसी योजनाओं पर जो जनता के गले न उतरें। सीहोर चूंकि भोपाल के बेहद करीब और एक अहम जिला मुख्यालय है, इसलिए आने वाले समय में यहां आबादी बढऩे, व्यापार फैलने और यातायात का दबाव बढऩे की पूरी संभावना है। इन तमाम पहलुओं को देखते हुए अभी से एक दूरदर्शी और व्यावहारिक योजना बनाने की जरूरत है। जिलाध्यक्ष गुजराती ने कहा है की आज सीहोर नगर बेतरतीब ट्राफिक से परेशान है और वेध पार्किंग तो सीहोर नगर के लिए सपने जैसा है ना ही कोई व्यवस्थित गार्डन ना खेल मैदान यही सीहोर की असल कहानी है, सीहोर नगर के बेहतर भविष्य के लिए तुरंत सीहोर का मास्टर प्लान लागू कराया जाए।
पत्र में लिख यह मुख्य बातें
– मास्टर प्लान के तहत कृषि भूमि के उपयोग में बदलाव (लैंड यूज चेंज) से जो किसान प्रभावित होंगे, उनकी चिंताओं पर सरकार को संवेदनशीलता के साथ विचार करना चाहिए।
– छोटे कारोबारियों और स्थापित वैध व्यापारिक प्रतिष्ठानों की आजीविका पर किसी तरह का संकट न आए, इसके लिए स्पष्ट और व्यावहारिक व्यावसायिक क्षेत्र तय किए जाएं।
– मास्टर प्लान ऐसा हो जिससे भविष्य की ट्रैफिक समस्याओं का स्थायी हल निकले, जल निकासी और सीवेज का पुख्ता इंतजाम हो साथ ही पर्यावरण संरक्षण के लिए पर्याप्त ग्रीन बेल्ट भी बचाए जा सकें।
पारदर्शी प्रक्रिया और जनता की भागीदारी की कही बात
पत्र में इस बात पर विशेष बल दिया गया है कि विकास का मतलब केवल नई कॉलोनियां और कंक्रीट के बड़े भवन खड़े करना नहीं है, बल्कि नागरिकों को बेहतर सडक़ें, स्वच्छ आबोहवा और सुरक्षित भविष्य देना है। कांग्रेस ने मांग की है कि मास्टर प्लान बनाने की पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी रखा जाए। योजना को अंतिम रूप देने से पहले स्थानीय नागरिकों, किसानों, व्यापारिक संगठनों और विषय विशेषज्ञों से सुझाव लिए जाएं तथा जनता की तरफ से आने वाली आपत्तियों का निष्पक्ष और न्यायसंगत समाधान किया जाए।
20-25 साल के विजन के साथ बने मास्टर प्लान
जिला कांग्रेस कमेटी ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि संबंधित विभागों को यह निर्देश दिए जाएं कि सीहोर की विकास योजना की गहन समीक्षा की जाए। आगामी 20 से 25 वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखकर ऐसा मास्टर प्लान तैयार किया जाए और तुरंत जारी किया जाए, जिससे शहर का व्यवस्थित विस्तार हो सके और भविष्य में नागरिकों के हितों को लेकर किसी तरह का विवाद खड़ा न हो।

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