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कुबेरेश्वरधाम में किया बिल्व पत्र और शमी आदि के पौधे का रोपण

सीहोर। हिंदू धर्म में पेड़-पौधों को देवी-देवताओं के समान अत्यंत ही पूज्यनीय माना गया है। यही कारण है कि तमाम पवित्र पेड़ों से जुड़े न सिर्फ पुष्प और फल बल्कि उनकी पत्तियां, जड़ और लकड़ियां तक पूजा के लिए प्रयोग में लाई जाती है। उक्त विचार जिला मुख्यालय के समीपस्थ चितावलिया हेमा स्थित निर्माणाधीन मुरली मनोहर एवं कुबेरेश्वर महादेव मंदिर में शुक्रवार विठलेश सेवा समिति के तत्वाधान में आयोजित पौधारोपण कार्यक्रम के दौरान भागवत भूषण पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहे। इस संबंध में विठलेश सेवा समिति के मीडिया प्रभारी प्रियांशु दीक्षित ने बताया कि शुक्रवार से भागवत भूषण पंडित श्री मिश्रा के निर्देशानुसार पूरे जिले में सैकड़ों की संख्या में सावन के पूरे माह में पौधारोपण का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शुक्रवार के दिन आधा दर्जन से अधिक बिल्व पत्र और शमी के अलावा अन्य पौधों का रोपण किया गया है। आगामी दिनों में समिति की बैठक के बाद पूरे देश में विशेष संदेश के साथ ही लाखों पौधों के आह्वान भागवत भूषण पंडित श्री मिश्रा द्वारा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पौधों के बिना हमारा जीवन अधूरा है। क्योंकि पौधे हमें आक्सीजन प्रदान करते हैं। हमारे जीवन में पौधों का बड़ा महत्व होता है, इसलिए हमें पर्यावरण संरक्षण और अपने जीवन के लिए पौधारोपण करना चाहिए। इस मौके पर समिति की ओर से पंडित विनय मिश्रा, आकाश शर्मा, यश अग्रवाल, राकेश शर्मा, आनंद व्यास आदि शामिल थे।
भगदड़ में हुए घायल भक्तों के स्वास्थ्य लाभ की कामना-
कुबेेरेश्वर धाम में विगत् दिनों हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना पर मनीष गुप्ता आरके जरी ने कहा कि तेज बारिश एवं आंधी तूफान के कारण कुबेरेश्वर धाम में भोजन पांडाल गिरने से मची अफरा-तफरी एवं भगदड़ के कारण कुछ भक्तगण घायल हो गए और एक वृद्ध महिला की मृत्यु हो गई। भक्तगण ऐसी घटनाओं को अन्यथा ना लें। इस प्रकार की आपदाएं बड़े-बड़े तीर्थ स्थलों पर भी अचानक आती है। समिति द्वारा भोजन प्रसादी की व्यवस्था के साथ-साथ ठहरने की व्यवस्था भी की गई थी, लेकिन अचानक हवा एवं आंधी के रूप में प्रकोप आया और भोजन पांडाल धसक गया। कुबेरेश्वर महाराज की बहुत बड़ी कृपा रही कि घटना रात्रि के समय घटी और एक बड़ा हादसा टल गया। इस घटना से सर्वाधिक दुख पंडित प्रदीप मिश्रा को पहुंचा है। वे तत्काल घायलों के बीच पहुंचे और घायलों की सेवा में जुट गए।
भव्य संगीतमय भागवत कथा आगामी 18 जुलाई से-
सीहोर के छावनी स्थित बड़ा बाजार में सावन मास के पावन अवसर पर आगामी 18 जुलाई से सात दिवसीय भव्य संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन किया जाएगा। कथा के पूर्व भव्य कलश यात्रा निकाली जाएगी। इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार आगामी 18 जुलाई से आरंभ होने जा रही भागवत कथा दोपहर दो बजे से पांच बजे तक आचार्य पंडित देवेन्द्र राधेश्याम व्यास के द्वारा की जाएगी। कथा के पूर्व सुबह दस बजे शहर के खजांची लाइन स्थित श्रीनाथ जी की हवेली से भव्य कलश यात्रा निकाली जाएगी और उसके पश्चात दोपहर में शहर के बड़ा बाजार स्थित अग्रवाल धर्मशाला में कथा का शुभारंभ किया जाएगा। आयोजनकर्ताओं ने सभी धर्मप्रेमियों से कथा का श्रवण करने की अपील की है।

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