
सीहोर। मुसीबत जब अचानक दस्तक देती है तो इंसान को चारों तरफ अंधेरा नजर आने लगता है। कुछ ऐसा ही दर्दनाक हादसा हाल ही में शहर के बढिय़ाखेड़ी के पास अंजनी धाम कॉलोनी में रहने वाले एक जैन परिवार के साथ हुआ। सोमवार शाम को अचानक लगी आग ने इस परिवार की खुशियां और मेहनत की कमाई पल भर में खाक कर दी थी, लेकिन शहर के सामाजिक संगठनों और शहर के लोगों ने इंसानियत की ऐसी मिसाल पेश की कि पीडि़त परिवार के चेहरे पर फिर से मुस्कान लौट आई है।
बता दें अंजनी धाम कॉलोनी में रहने वाले ऑटो चालक दिनेश जैन के घर बीते सोमवार को अचानक आग लग गई थी। इस भीषण आगजनी में घर का सारा गृहस्थी का सामान तो जला ही साथ ही सबसे बड़ा दर्द यह था कि दिनेश की बहन के दिसंबर में होने वाले विवाह के लिए जो कपड़े, गहने और अन्य सामान बड़ी मेहनत से जोडक़र रखे थे, वे भी पूरी तरह जलकर खाक हो गए। शादी की तैयारियों में जुटा यह परिवार इस घटना के बाद पूरी तरह टूट गया था। उनके सामने सबसे बड़ा सवाल यह था कि अब बहन की शादी कैसे होगी।
टीम संडे का सुकून-उंगली ग्रुप बने उम्मीद की किरण
मुश्किल की इस घड़ी में शहर की सामाजिक संस्था टीम संडे का सुकून और उंगली ग्रुप उम्मीद बनकर आगे आए। टीम संडे का सुकून संस्था ने परिवार की मदद का बीड़ा उठाया और सोशल मीडिया पर अपील की। देखते ही देखते कुछ ही घंटों में मदद की राशि 1 लाख 16 हजार रुपये तक पहुंच गई, इसमें संस्था के सदस्यों द्वारा भी सहयोग किया गया। संस्था ने इसमें अपनी तरफ से 5 हजार रुपये और मिलाए। इस तरह कुल 1 लाख 21 हजार रुपये की सहायता राशि तैयार हो गई, जिसका चेक गुरुवार को पीडि़त परिवार को सौंप दिया गया।
दूसरी तरफ शहर के सामाजिक संगठन उंगली ग्रुप ने भी पीडि़त परिवार के लिए सोशल मीडिया पर मुहिम चलाई। उंगली ग्रुप की इस अपील पर भी शहरवासियों ने दिल खोलकर सहयोग किया और करीब 1 लाख रुपये तक की मदद पीडि़त परिवार तक पहुंचाई गई।
सात समंदर पार चीन से भी पहुंची मदद
इस मानवीय पहल का असर सिर्फ सीहोर शहर तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि इसकी गूंज सात समंदर पार चीन तक पहुंच गई। चीन में रह रहे सीहोर के एक युवक ने भी इस दुख की घड़ी में जैन परिवार की मदद के लिए राशि भेजी। गुरुवार को संस्थाओं के सदस्यों ने पीडि़त परिवार से मुलाकात कर आर्थिक सहायता तो पहुंचाई ही साथ ही नागरिकों ने घर की गृहस्थी का जरूरी सामान और बहन के विवाह के लिए आवश्यक सामग्री भी परिवार को उपलब्ध कराई। जब परिवार के हाथों में यह मदद पहुंची तो उनकी आंखों में आंसू थे, लेकिन इस बार ये आंसू निराशा के नहीं, बल्कि उम्मीद और राहत के थे। पीडि़त परिवार ने टीम संडे का सुकून, उंगली ग्रुप और शहर के सभी मददगारों को धन्यवाद दिया है।