चीन के 100 नौसैनिक और पनडुब्बी समुद्र की गहराई में समाए !

चीन की नौ​सेना के साथ इतिहास का सबसे बडा हादसा, जानकारी छुपा रहा ड्रैगन

बीजिंग। चीन की नौसेना में इतिहास का सबसे बडा हादसा हुआ है। परमाणु क्षमता वाली उसकी एक सबमरीन यानी पनडुब्बी ताइवान को घेरने के इरादे से निकली थी जो ताइवान के पास समुद्र में हादसे का शिकार हो गई। इस पनडुब्बी के साथ चीन के 100 नौसेनिक और क्रू सदस्य समुद्र की गहराई में समा गए हैं। सूत्रों के हवाले से आई इस खबर की हालांकि चीन ने पुष्टि नहीं की है। कहा जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किरकिरी होने और अंतरराष्ट्रीय नियम तोडने की आंच से बचने के लिए वह पूरे मामले को छुपा रहा है।

जानिए पूरा मामला क्या है
ये तो सभी जानते हैं कि चीन ताइवान को अपना हिस्सा बताता आया है। वह इस पर अधिकार के लिए हर पैंतरे आजमा रहा है। बताया जा रहा है कि इस साल अगस्त में उसने अपनी बेहद उन्न्त और परमाणु उर्जा से चलने वाली विशाल टाइप 093 या शांग क्लास परमाणु पनडुब्बी ताइवान की ओर भेजी थी। सूत्र बताते हैं कि ताइवान जलडमरूमध्य से गुजरते समय चीन की यह पनडुब्बी एक गंभीर दुर्घटना का शिकार हो गई है। यह समुद्र की गोद में समां चुकी है और इसके साथ सभी 100 नौसैनिक मारे गए हैं। हादसे में कुछ भी नहीं बचा है। चीन का रक्षा मंत्रालय इस बारे में चुप्पी साधे हुए है।

आखिर कहां गायब हो गए रक्षा मंत्री
इधर पनडुब्बी के गायब होने के बाद चीन के रक्षा मंत्री ली शांगफू भी पिछले दो सप्ताह से रहस्यमय तरीके से गायब हैं।बताया जा रहा है कि चीनी नौसेना में उच्चस्तरीय अधिकारियों में उथल पुथल मची हुई है। रक्षा मंत्री का गायब होना पनडुब्बी हादसे को छुपाने की एक कोशिश है।

चीन के पास हैं ऐसी छह पनडुब्बी
चीन के पास इस तरह की अत्या​धुनिक छह पनडुब्बियां हैं। अमेरिका का मानना है कि चीन के रक्षा मंत्री की जांच जारी है। शांगफू से बतौर रक्षा मंत्री के तौर पर सारी जिम्मेदारियां छीन ली गई हैं। इधर ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने भी हादसे की पुष्टि नहीं की है। हालां​कि उसने कहा कि यह मामला संवेदनशील है और ऐसे में उसका इस पर कोई टिप्‍पणी करना ठीक नहीं होगा।

ड्रैगन छुपाता रहा है जानकारी
गौरतलब है कि चीन देश में होने वाली किसी भी गलत चीज को दुनिया के सामने आने से रोकने के लिए हरसंभव कोशिश करता है। कोरोना के समय उसने अपने यहां मौतों की जानकारी छुपाई और लोगों पर की गई अमानवीय सख्ती को भी दुनिया के सामने आने से रोका। भारत साथ गलवान घाटी में हिंसा में मारे गए अपने सैनिकों की जानकारियां भी उसने छुपाईं।