मां सीवन को अर्पित की गई 101 मीटर की चुनरी, सीवन पुत्र का 20वां कार्यक्रम संपन्न

सीहोर। शहर की जीवनदायिनी मानी जाने वाली सीवन नदी के संरक्षण और उद्धार के लिए जारी सीवन पुत्र अभियान के तहत भव्य आयोजन संपन्न हुआ। शहर के इतिहास में पहली बार मां सीवन पुत्र टीम द्वारा सीवन नदी पर 101 मीटर लंबी विशाल चुनरी अर्पित की गई। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य आम जनता का मां सीवन के साथ भावनात्मक संबंध जोडऩा और नदी स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाना है।
कार्यक्रम की शुरुआत मां सीवन की विशेष पूजा-अर्चना और आरती के साथ हुई। पूजा का शुभारंभ एक नन्ही बालिका द्वारा किया गया, जिसके बाद श्रद्धालुओं ने महिला घाट से लेकर पुरुष घाट तक पूरी श्रद्धा और उत्साह के साथ 101 मीटर की चुनरी चढ़ाई। चुनरी महोत्सव के दौरान पूरा वातावरण भक्तिमय और उत्साह से सराबोर नजर आया।
राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में सीवन पुत्र अभियान
सीवन पुत्र प्रदीप चावड़ा ने बताया कि इस अभियान को शुरू हुए लगभग पांच महीने बीत चुके हैं और अब तक 5,600 से अधिक लोग सीवन पुत्र के रूप में इस मुहिम से जुड़ चुके हैं। इस पहल की प्रेरणा से अब अन्य क्षेत्रों में भी विभिन्न नदियों के नाम से पुत्र और पुत्री बनकर लोग नदियों के संरक्षण का संकल्प ले रहे हैं। यही कारण है कि यह अभियान अब राष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बन गया है।
5 महीनों में 20 से अधिक जागरूकता कार्यक्रम
अभियान के तहत पिछले पांच महीनों में 20 से अधिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा चुका है। इन आयोजनों के माध्यम से बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक को नदी की स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण से जोड़ा गया है। चुनरी महोत्सव में बड़ी संख्या में शहर के गणमान्य नागरिक और सीवन पुत्र शामिल हुए। कार्यक्रम में मुख्य रूप से रमेश जायसवाल, अशोक नामदेव, हृदेश राठौर, देवेश सिसोदिया, लखन कुशवाह, जितेंद्र चौरसिया, कैलाश चव्हाण, कपिल बैरागी, वैभव राठौर, मुकेश राय, योगेंद्र राय, राधेश्याम मकवाना, प्रकाश यादव, जगदीश वर्मा, उमेश चावड़ा, सीमा शर्मा, सुनीता सोनी, ज्योति चावड़ा, अनिता माहेश्वरी और अर्चना श्रीवास्तव सहित कई श्रद्धालु उपस्थित रहे।



