बादलों की ओट और सर्द हवाओं के बीच नर्मदा में लगी पुण्य की डुबकी

सीहोर। आज माघ पूर्णिमा है, जिसे सनातन धर्म में मोक्षदायिनी नदियों में स्नान और दान-पुण्य के लिए सर्वश्रेष्ठ माना गया है। मध्य प्रदेश में बदले हुए मौसम और ठिठुरन के बावजूद जिले के नर्मदा घाटों पर श्रद्धालुओं की अटूट आस्था देखने को मिली। सर्द हवाओं के बीच भक्तों ने मां नर्मदा की गोद में आस्था की डुबकी लगाई जा रही है।
बता दें जिले में रविवार सुबह की शुरुआत घने बादलों और सर्द हवाओं के साथ हुई। सुबह 8.30 बजे तक सूरज के दर्शन नहीं हुए, जिसके कारण तडक़े स्नान करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या अन्य वर्षों की तुलना में थोड़ी कम रही। हालांकि जैसे-जैसे दिन चढ़ा और मौसम में थोड़ी नरमी आईए भक्तों की टोलियां घाटों पर पहुंचने लगीं। ठिठुरन ने शरीर को भले ही कंपाया, लेकिन श्रद्धालुओं के जयकारों ने वातावरण में गर्माहट भर दी।
जिले के इन प्रमुख घाटों पर उमड़ा जनसैलाब
नीलकंठ घाट: जिले के इस सबसे पौराणिक घाट पर नर्मदा और कोलार नदी के संगम पर श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई। यहां स्थित प्राचीन शिव मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की गई।
आंवली घाट: प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध इस घाट पर हजारों की संख्या में ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोगों ने स्नान किया और तट पर दीप दान किया।
शाहगंज घाट: शाहगंज नगर के पास स्थित इस पक्के घाट पर श्रद्धालुओं के लिए नावों और सुरक्षा के विशेष इंतजाम रहे। यहां से नर्मदा के विशाल स्वरूप के दर्शन हुए।
प्रशासन रहा मुस्तैद
ठंड और कोहरे को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। घाटों पर होमगार्ड के गोताखोरों की तैनाती के साथ ही बैरिकेडिंग की गई थी, ताकि गहरे पानी में जाने से कोई अनहोनी न हो।



