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मूंग खरीदी और खाद को लेकर आर-पार की लड़ाई, कलेक्टर को ज्ञापन देने पर अड़े किसान, एसडीएम, एएसपी, दो एसडीओेपी ने संभाला मोर्चा

किसानों ने दुर्गा चैक पर बनाई दाल-बाटी और चाय, किया हनुमान चालीसा का पाठ

सीहोर। जिले की बुधनी विधानसभा का भैरूंदा एक बार फिर किसान आंदोलन का साक्षी बना। इस बार किसानों ने शत-प्रतिशत मूंग खरीदी एवं खाद की उपलब्धता को लेकर प्रदर्शन किया। दरअसल सरकार ने किसानों की मूंग प्रति एकड़ डेढ़ क्विंटल खरीदने का ऐलान किया है, लेकिन किसानों की मांग है कि उनकी शत-प्रतिशत मूंग खरीदी जाए। किसानों की मूंग की फसल की पैदावार भी बंपर हुई है। प्रति एकड़ 5 से 7 क्विंटल तक मूंग निकली है, लेकिन अब सरकार केवल डेढ़ क्विंटल की खरीदी ही करने की तैयारी में है। इसी प्रकार किसानों को मक्का और धान की फसल के लिए यूरिया, डीएपी खाद नहीं मिल रहा है। किसानों को इस समय सबसे ज्यादा जरूरत यूरिया खाद की है, लेकिन टोकन सिस्टम से जरूरत के मुताबिक खाद नहीं मिल पा रहा है। इसको लेकर किसान स्वराज संगठन के बैनर तले किसानों ने एक बार फिर से भैरूंदा में आंदोलन किया। हजारों की संख्या में गांव-गांव से किसान अपने-अपने ट्रैक्टर लेकर भैरूंदा पहुंचे। मंडी में एकत्रित हुए और यहां से ट्रैक्टर रैली शुरू हुई। रैली में करीब 2 हजार ट्रैक्टर और एक हार्वेस्टर भी शामिल रहा। इससे पहले एक दिन पहले से ही किसानों का जमावड़ा मंडी में लगने लगा।
भोपाल-इंदौर मार्ग पर लगा जाम, परेशान हुए राहगीर-
किसान आंदोलन के कारण भोपाल-इंदौर मुख्य मार्ग पर लंबा जाम लग गया। लोग घंटों जाम में फंसे रहे। दोनों तरफ करीब पांच-पांच किलोमीटर दूर तक जाम फंसा रहा। नगर की अंदर की सड़कें भी वाहनों से जाम में तब्दील हो गई। हालांकि, पुलिस प्रशासन सक्रिय रहा। यात्री बसों को बृहदेव पुलिया सोठिया से होकर नहर चैराहा से डायवर्ट किया गया तो वहीं सीहोर जाने वाले वाहनों को जोगला-बिजला मार्ग से होकर सीहोर मार्ग पर डायवर्ट किया गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस प्रशासन मौके पर तैनात रहा। किसानों ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया, नारेबाजी की। किसानों की मांग है कि वे कलेक्टर को ज्ञापन देंगे, लेकिन कलेक्टर बालागुरू के. किसानों के बीच नहीं पहुंचे। इस दौरान एसडीएम भैरूंदा सुधीर कुशवाह, एसडीओपी भैरूंदा रोशन जैन, एसडीओपी बुधनी रवि शर्मा, थाना प्र्रभारी भैरूंदा घनश्याम दांगी मोर्चा संभाले रहे। बाद में एएसपी सुनीता रावत भी मौके पर पहुंची। अधिकारी लगातार किसानों को समझाईश देते रहे कि उनकी मांगों को सरकार तक पहुंचाया जाएगा, लेकिन किसान भी अड़े रहे कि वे कलेक्टर को ही ज्ञापन सौंपेंगे। यदि कलेक्टर नहीं आएंगे तो वे यहीं पर डटे रहेंगे। समाचार लिखे जाने तक किसान अपनी मांगों पर अड़े रहे और लगातार सरकार के खिलाफ नारेबाजी, प्रदर्शन करते रहे।
बनाई दाल-बाटी और चाय, किया हनुमान चालीसा का पाठ-
किसान इस बार आर-पार की लड़ाई के मूड में है। प्रदर्शन के दौरान वे अपने साथ खाना बनाने की सामग्री भी साथ लाए हैं। किसानों ने आंदोलन के दौरान दुर्गा चैक पर दोपहर में दाल-बाटी बनाई। शाम चार बजे चाय भी बनाई। इसके बाद सरकार की सदबुद्धि के लिए हनुमान चालीसा का पाठ किया। किसान स्वराज संगठन के पदाधिकारी आंदोलन से पहले ही ज्ञापन सौंपकर प्रशासन को चेतावनी दे चुके थे कि यदि प्रदर्शन के दौरान कलेक्टर नहीं आए या उनकी मांगे नहीं मानी गई तो वे यही पर डेरा डालेंगे, तंबू भी लगाएंगे। किसानों की मांग है कि उनकी मूंग की फसल पूरी खरीदी जाए और यूरिया, डीएपी खाद भी उपलब्ध कराया जाए।
भैरूंदा बना किसानों के आंदोलन का गढ़-
पूर्व मुख्यमंत्री एवं वर्तमान में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चैहान का गढ़ बुधनी विधानसभा का भैरूंदा किसान आंदोलन का भी गढ़ बनता जा रहा है। यहां पर लगातार किसान आंदोलन हो रहे हैं। इससे पहले भी किसान स्वराज संगठन ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर भैरूंदा में ही प्रदर्शन किया था। उस दौरान भी हजारों की संख्या में किसान टैक्टरों से पहुंचे थे। इसके बाद कांग्रेस ने भी किसानों को लेकर भैरूंदा में ही प्रदर्शन किया था। इसमें पीपीसी चीफ जीतू पटवारी सहित प्रदेश कांग्रेस के कई दिग्गज नेता भी यहां पहुंचे थे। अब फिर से किसान स्वराज संगठन ने यहां पर प्रदर्शन की रणनीति बनाई और फिर आंदोलन कर डाला।
इधर शिवराज सिंह चैहान और डाॅ. मोहन यादव की हुई मुलाकात-

केंद्र्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चैहान ने मुख्यमंत्री डाॅ. मोहन यादव ने उनके निवास पर पहुंचकर मुलाकात की। इधर भैरूंदा में किसान आंदोलन के लिए जुट रहे थे, तभी दोनों के बीच में मुलाकात हुई। मुलाकात को लेकर मुख्यमंत्री के एक्स एकाउंट पर पोस्ट भी हुई। कयास लगाए जा रहे हैं कि दोनों के बीच में किसान आंदोलन को लेकर एवं मूंग खरीदी को लेकर चर्चा हुई है। अधिकारिक तौर पर मुलाकात का कारण सामने नहीं आया है, लेकिन ऐसी संभावनाएं हैं कि आगामी दिनों में सरकार किसानों के हित में कोई निर्णय लें।
इनका कहना है-
सरकार से शत-प्रतिशत व 6 क्विंटल प्रति एकड़ मूंग खरीदी की किसानों की मांग है। किसानों को यूरिया, डीएपी सहित अन्य खाद भी पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में उनकी फसलें भी खराब हो रही है। पहले की भी हमारी कई मांगें हैं, जिनको नहीं सुना जा रहा है। पहले भी शासन-प्रशासन द्वारा कई आश्वासन दिए गए, लेकिन उन्हें पूरा नहीं किया गया है। इस बार हम आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। जिला कलेक्टर बालागुरू के. स्वयं आकर ज्ञापन लें और शासन से बात करें, जब तक जिला कलेक्टर नहीं आएंगे आंदोलन जारी रखेंगे। जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं होंगी हम आंदोलन जारी रखेंगे।
– गजेन्द्र जाट, प्रदेश अध्यक्ष, किसान स्वराज संगठन

किसानों द्वारा अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्र्रदर्शन किया जा रहा है। किसान स्वराज संगठन के पदाधिकारियों और किसानों से लगातार चर्चा जारी है और जल्द ही समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।
– सुधीर कुशवाह, एसडीएम भैरूंदा, जिला-सीहोर

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