
सीहोर। कुबेरेश्वरधाम में शनिवार को राधाष्टमी का पर्व अपार श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ मनाया गया। निर्माणाधीन मुरली मनोहर और कुबेरेश्वर महादेव मंदिर परिसर में सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। इस अवसर पर भगवान राधा-कृष्ण का चांदी के कलशों से महाभिषेक किया गया एवं 56 भोग लगाकर महाआरती की गई।
राधाष्टमी के अवसर पर मुरली मनोहर मंदिर में भगवान राधा-कृष्ण को सोना, चांदी और रत्न जड़ित आकर्षक वस्त्रों व आभूषणों से सुसज्जित किया गया। सुबह विठलेश सेवा समिति के पंडित विनय मिश्रा, पंडित समीर शुक्ला और कथावाचक पंडित राघव मिश्रा की मौजूदगी में वैदिक विधि-विधान से पूजा-अर्चना और चांदी के कलशों से महाभिषेक संपन्न हुआ।
दोपहर 11 बजे भगवान को 56 प्रकार के व्यंजनों का भोग अर्पित किया गया, जिसके बाद 12 बजे महाआरती हुई। मथुरा-वृंदावन से आए कलाकारों ने सुमधुर भजनों की प्रस्तुतियां दीं, जिन पर श्रद्धालु झूमते और राधा नाम संकीर्तन करते नजर आए। विठलेश सेवा समिति की ओर से सभी भक्तों के लिए प्रसादी का वितरण किया गया।
राधाजी की आराधना के बिना श्रीकृष्ण की भक्ति अधूरी
कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि सनातन परंपरा में राधा-कृष्ण की भक्ति प्रेम, विश्वास और समर्पण का संदेश देती है। राधा रानी की आराधना के बिना भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति अधूरी मानी जाती है। राधा नाम केवल एक नाम नहीं, बल्कि निष्काम प्रेम और भक्ति का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार राधाष्टमी के दिन से ही महालक्ष्मी व्रत का शुभारंभ भी होता है। इस दिन महिलाएं परिवार की सुख-समृद्धि, संतान की मंगलकामना और अखंड सौभाग्य के लिए व्रत रखकर पूजा-अर्चना करती हैं।
कल रविवार को होगी महाआरती
विठलेश सेवा समिति के मीडिया प्रभारी मनोज दीक्षित ने बताया कि रविवार को भी कुबेरेश्वरधाम में धार्मिक अनुष्ठान जारी रहेंगे। कुबेर भंडारी गणेश उत्सव समिति द्वारा रविवार शाम 7 बजे महाआरती का आयोजन किया जाएगा, जिसमें पंडित विनय मिश्रा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। समिति ने सभी श्रद्धालुओं से इस महाआरती में शामिल होने की अपील की है।