एक पंथ, दो काज… सलकनपुर शिविर में पहुंचे अधिकारियों ने की नवरात्रि को लेकर बैठक

- श्रद्धालुओं के लिए बेहतर व्यवस्थाओं के संबंध में कलेक्टर-एसपी ने दिए निर्देश

सीहोर। एक पंथ, दो काज… की कहावत को चरितार्थ करते हुए सीहोर जिले के अधिकारियों ने जहां सलकनपुर में आयोजित मुख्यमंत्री जन-विश्वास शिविर में शिरकत की तो वहीं लगे हाथों शारदीय नवरात्रि को लेकर बैठक भी कर डाली। इस दौरान कलेक्टर-एसपी ने अधिकारियों को श्रद्धालुओं के लिए बेहतर व्यवस्थाओं के संबंध में दिशा-निर्देश भी दिए।
दरअसल गणेशोत्सव के बाद पितृपक्ष आएगा और उसके बाद शारदीय नवरात्रि प्रारंभ होगी। सलकनपुर में भी नवरात्रि के दौरान लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था से लेकर उनकी मूलभूत सुविधाओं की जिम्मेदारी जिला प्रशासन सहित मंदिर समिति की होती है। हर वर्ष नवरात्रि से पहले यहां पर बैठक का आयोजन भी होता है, लेकिन इस बार बैठक समय से बहुत पहले कर ली गई।
बैठक में कमिश्नर, आईजी भी रहे शामिल-
सलकनपुर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बेहतर व्यवस्थाओं के संबंध में भोपाल संभाग कमिश्नर कर्मवीर शर्मा, डीआईजी भोपाल देहात राजेश चंदेल, कलेक्टर बालागुरू के. तथा एसपी सोनाक्षी सक्सेना ने सलकनपुर में बैठक आयोजित कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी व्यवस्थाएं इस प्रकार से की जाए कि दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की कोई परेशानी न हो और सभी श्रद्धालु सुविधाजनक ढंग से पूजा-अर्चना कर सकें। बैठक में पार्किंग, पेयजल, साफ-सफाई तथा पर्याप्त बिजली व्यवस्था के संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। इसके साथ ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के आगमन तथा निर्गमन, इमरजेंसी के लिए फायर बिग्रेड, मेला स्थल पर दुकानों को व्यवस्थित ढंग से लगवाने तथा मेले के बेहतर प्रबंधन के निर्देश भी दिए। बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों ने सभी मुख्य स्थानों पर पर्याप्त प्रशासन एवं पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगाने के संबंधित पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए, ताकि यातायात व्यवस्था किसी भी प्रकार से बाधित न हो। बैठक के बाद अधिकारियों ने सलकनपुर मंदिर परिसर का निरीक्षण भी किया।
इन व्यवस्थाओं को लेकर दिए निर्देश-
कलेक्टर बालागुरू के. ने कहा कि मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के लिए हेल्थ कैंप लगाए जाए, जिससे श्रद्धालुओं को चिकित्सा की आवश्यकता पड़ने पर तत्काल मेडिकल सहायता प्रदान की जा सके। श्रद्धालुओं को मंदिर परिसर में कोई परेशानी न हो, इसके लिए मुख्य स्थानों पर हेल्प डेस्क बनाए जाए। श्रद्धालुओं के लिए पीने के पानी की पर्याप्त व्यवस्था हो। आयोजन के दौरान यातायात का बेहतर और सुचारू संचालन सुनिश्चित किया जाए। टैक्सी संचालन में फिटनेस प्रमाण पत्र की जांच की जाए और उन्हीं वाहनों (टैक्सी) को श्रद्धालुओं के आवागमन हेतु अनुमति प्रदान की जाए जिनके पास आरटीओ द्वारा जारी फिटनेस प्रमाण पत्र हो। जिन वाहनों का उपयोग टैक्सी के रूप में किया जाएगा उन वाहनों की कंडीशन सही होनी चाहिए तथा समिति द्वारा निर्धारित किराए से अधिक वसूल नहीं किया जाए। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सलकनपुर मंदिर पर आने वाले श्रद्धालुओं को पहाड़ी एवं वन क्षेत्र जाने से रोका जाए, ताकि जंगली जानवरों एवं किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके। इसके लिए उन्होंने उप वन मंडलाधिकारी को निर्देश दिए कि ऐसे स्थलों को चिन्हित कर वन कर्मियों की ड्यूटी लगाई जाए।
नर्मदा आंवली घाट का किया निरीक्षण-
अमावस्या पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु आंवलीघाट पहुंचते हैं। आंवलीघाट पर श्रद्धालुओं के लिए बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों सहित बुधनी विकासखंड के अधिकारियों ने आवंलीघाट का निरीक्षण किया। इस दौरान वरिष्ठ अधिकारियों ने घाट पर पुलिस, होमगार्ड के जवान तथा गोताखोरों की ड्यूटी लगाने, वॉटर बोट की उपलब्धता सुनिश्चित करने एवं आवागमन सुगम बनाए रखने के लिए पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था करने एवं संकेतक लगाने के निर्देश दिए।

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