लाड़कुई में बीच सड़क अचानक आग का गोला बनी आदिवासी महिला

सीहोर। जिले के लाड़कुई कस्बे में रविवार सुबह उस समय राहगीरों की रूह कांप गई, जब एक 26 वर्षीय आदिवासी महिला देखते ही देखते बीच सड़क पर आग का गोला बन गई। महिला ने अज्ञात कारणों के चलते अपने ऊपर पेट्रोल डालकर आग लगा ली थी। मौके पर मौजूद ग्रामीणों की तत्परता से आग को बुझाया गया, लेकिन महिला की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है।
यह रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सुबह करीब 9 बजे की है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ग्राम गोंडी गुराडिय़ा निवासी विनीता पति सुनील उईके, जो इन दिनों अपने मायके लाडक़ुई में रह रही थी, अचानक घर से बाहर निकली और खुद पर ज्वलनशील पदार्थ छिडक़ लिया। इससे पहले कि कोई उसे रोक पाता, वह आग की लपटों से घिर गई। महिला को जलता देख आसपास के लोग बाल्टियां लेकर दौड़े और पानी डालकर आग पर काबू पाया।
हमीदिया अस्पताल में संघर्ष
गंभीर रूप से झुलसी विनीता को 112 एंबुलेंस की मदद से तुरंत सिविल अस्पताल भैरुंदा पहुंचाया गया। वहां उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसे भोपाल के हमीदिया अस्पताल रेफर कर दिया है। बताया जा रहा है कि महिला का शरीर काफी हद तक झुलस चुका है और वह वर्तमान में जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रही है।
जांच में जुटी पुलिस
इस आत्मघाती कदम के पीछे क्या कारण थे, यह फिलहाल एक पहेली बना हुआ है। एसडीओपी रोशन कुमार जैन के अनुसार पुलिस मामले की हर पहलू से बारीकी से जांच कर रही है। परिजनों और मौके पर मौजूद लोगों के बयान लिए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि महिला के होश में आने और बयान दर्ज होने के बाद ही इस कदम के पीछे की असली वजह साफ हो पाएगी।



