
सीहोर। नदियों को पूजन सामग्री के कारण होने वाले प्रदूषण से बचाने और उन्हें स्वच्छ बनाए रखने के उद्देश्य से सीवन पुत्र टीम द्वारा लगातार जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में शनिवार को श्री हनुमान फाटक धाम पर विधिवत पूजन सामग्री विसर्जन पात्र स्थापित किया गया। सीवन पुत्र टीम द्वारा क्षेत्र में नदियों के संरक्षण के लिए स्थापित किया गया यह दूसरा विसर्जन पात्र है।
स्वर्गीय दीवान चंद महाजन पूर्व विधायक की पुण्य स्मृति में आयोजित इस कार्यक्रम में सिद्धेश्वर समिति के निर्वाचित अध्यक्ष एवं समाजसेवी विपुल चांडक मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। उन्होंने एक नन्ही बालिका के हाथों फीता कटवाकर पूजन सामग्री विसर्जन पात्र का भव्य उद्घाटन किया।
नदी संरक्षण की दिशा में सीवन पुत्रों का प्रयास अनुकरणीय
समारोह को संबोधित करते हुए समाजसेवी विपुल चांडक ने कहा कि सीवन पुत्र टीम ने नदियों के संरक्षण के प्रति एक नई क्रांति की शुरुआत की है। टीम द्वारा बीते कई महीनों से सीवन नदी की स्वच्छता और संरक्षण के लिए की जा रही मेहनत बेहद सराहनीय और अनुकरणीय है। उन्होंने कहा कि जगह-जगह स्थापित किए जा रहे ये विसर्जन पात्र नदियों को प्रदूषण से बचाकर उन्हें नया जीवन देने में मील का पत्थर साबित होंगे।
दिल्ली, गुजरात और महाराष्ट्र से आईं छात्राओं ने भी सराहा
आयोजन के दौरान दिल्ली, गुजरात और महाराष्ट्र से नदी संरक्षण अभियान पर अध्ययन व काम कर रहीं समर्पित छात्राएं विशेष रूप से उपस्थित रहीं। छात्राओं ने सीवन पुत्र टीम के इस कदम की प्रशंसा की और आम जनता से अपील की कि वे अपनी पूजन सामग्री को सीधे नदियों में न बहाकर केवल इन्हीं विसर्जन पात्रों में डालें, ताकि हमारी नदिया स्वच्छ व प्रदूषण मुक्त रह सकें।
सीवन प्रहरी हेमंत नाथ का हुआ सम्मान
कार्यक्रम के दौरान श्री हनुमान फाटक धाम पर निरंतर अपनी नि:स्वार्थ सेवाएं दे रहे सीवन प्रहरी हेमंत नाथ का सीवन पुत्र टीम द्वारा स्वागत व सम्मान किया गया। इस अवसर पर सीवन पुत्र कैलाश नारायण चावड़ा, हीरालाल शर्मा, राजकुमार सोनी, हिमांशु नाथ, मुकेश राय, कैलाश चव्हाण, कनीराम मालवीय, प्रदीप चावड़ा, राधेश्याम मकवाना, संतोष मेवाड़ा, योगेंद्र राय, अशोक खत्री, सुरेश भगत, श्याम सिंह, दीपक केवट, भगवती शर्मा, सुधीर सोनी, वैभव राठौर, प्रकाश यादव, जगदीश वर्मा, विनय सिंह, उमेश चावड़ा सहित बड़ी संख्या में टीम के सदस्य और श्रद्धालु मौजूद रहे।