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श्मशान घाट को हरा-भरा बनाने की अनूठी पहल, जन्मदिन पर स्मृति वाटिका में रोपे पौधे

सीहोर। पर्यावरण संरक्षण और जनभागीदारी की मिसाल पेश करते हुए सीहोर के इंद्रा नगर छावनी स्थित श्मशान घाट में एक अनूठा बदलाव देखने को मिल रहा है। यहां संचालित संकल्प से कायाकल्प अभियान के तहत विकसित की जा रही स्मृति वाटिका में बुधवार को एक पेड़ प्रतिदिन संकल्प अभियान के 41वें दिन विशेष पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान शहर के कई गणमान्य नागरिकों ने अपने जन्मदिन के शुभ अवसर पर पौधे रोपे और समाज को प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया।
बता दें आमतौर पर लोग अपना जन्मदिन केक काटकर या दावत देकर मनाते हैं, लेकिन सीहोर के प्रबुद्ध नागरिकों ने इस विशेष दिन को पर्यावरण के नाम समर्पित किया। कार्यक्रम में वरिष्ठ कांग्रेस नेता राजाराम कसौटियां, ब्राह्मण समाज सीहोर के अध्यक्ष दीपक शर्मा, रवि राठौर, दुष्यन्त दासवानी, लखन ठाकुर, ललित राठौर और भूपेंद्र राठौर इन सभी ने अपने-अपने जन्मदिन के उपलक्ष्य में स्मृति वाटिका में विभिन्न फलदार और छायादार प्रजातियों के पौधे लगाए। सभी उपस्थितजनों ने इन पौधों की नियमित देखभाल व उन्हें जीवित रखने का भी संकल्प लिया।
मुक्तिधाम को सामाजिक प्रेरणा का केंद्र बनाने की जिद
इस अनूठे अभियान के संयोजक एवं वार्ड के पार्षद नरेंद्र राजपूत ने बताया कि जनहित और पर्यावरण को समर्पित यह अभियान उनके जन्मदिन 19 अप्रैल से लगातार चलाया जा रहा है। इसके बाद 5 जून विश्व पर्यावरण दिवस से इंद्रा नगर छावनी श्मशान घाट परिसर में जनसहयोग से स्वच्छता, हरियाली, पौधारोपण और सौंदर्यीकरण का कार्य नियमित रूप से किया जा रहा है।
राजपूत ने कहा हमारा उद्देश्य श्मशान घाट को केवल अंतिम संस्कार के एक उदास स्थान तक सीमित रखना नहीं है। हम जनसहभागिता से इसे श्रद्धा, सेवा, स्वच्छता, हरियाली और सामाजिक प्रेरणा का एक ऐसा पवित्र केंद्र बनाना चाहते हैं, जो शहर के लिए मिसाल बने।
शुभ अवसरों को बनाएं स्मृति
अभियान संयोजक नरेंद्र राजपूत ने शहर के सभी नागरिकों से अपील की है कि वे अपने जीवन के विशेष अवसर जैसे जन्मदिन, विवाह वर्षगांठ, बच्चों के जन्मोत्सव या पूर्वजों की पुण्यतिथि पर कम से कम एक पौधा इस स्मृति वाटिका में अवश्य लगाएं। सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों, व्यापारियों और युवाओं के सक्रिय सहयोग से यह स्थान दिन-प्रतिदिन और अधिक हरा-भरा व स्वच्छ होता जा रहा है।

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