
सीहोर। जिले के प्रशासनिक कार्यों को अधिक सुचारु, पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए कलेक्टर बालागुरू के. ने जिला कार्यालय में पदस्थ राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के मध्य नवीन कार्य विभाजन आदेश जारी किया है। इस नए आदेश के तहत अपर कलेक्टर, संयुक्त कलेक्टर और डिप्टी कलेक्टर्स के बीच विभिन्न महत्वपूर्ण सरकारी शाखाओं और विभागीय दायित्वों का दोबारा निर्धारण किया गया है। कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को अपने-अपने आवंटित कार्यों का समय पर और जिम्मेदारी से निर्वहन करने के निर्देश दिए हैं ताकि आम जनता को प्रशासनिक सेवाओं का त्वरित लाभ मिल सके।
किस अधिकारी को मिला कौन सा जिम्मा
अपर कलेक्टर बृजेश सक्सेन: इन्हें जिले के सबसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक और राजस्व संबंधी दायित्व सौंपे गए हैं। इनके पास अब राजस्व, पंचायत राज, कृषि भूमि सीमा, मुख्यमंत्री सहायता कोष, जिला सतर्कता, लाइसेंस शाखा, स्वास्थ्य विभाग रेडक्रॉस, जनगणना, राहत और भू अभिलेख जैसी शाखाओं का प्रभार रहेगा।
संयुक्त कलेक्टर वंदना राजपूत: इन्हें सीधे जनता से जुड़े विभागों और तकनीकी शाखाओं की जिम्मेदारी दी गई है। सुश्री राजपूत अब स्वच्छ भारत मिशन, जनसुनवाई, सीएम हेल्पलाइन, सूचना प्रौद्योगिकी, लोक सेवा प्रबंधन, राज्य लायबिलिटी संबंधी कार्य, मुख्य प्रतिलिपिकार शाखा, अभिलेखागार तथा एसएलआर शाखा का प्रभार संभालेंगी।
संयुक्त कलेक्टर रविन्द्र परमार: इन्हें आंतरिक प्रबंधन और निर्वाचन से जुड़े महत्वपूर्ण काम सौंपे गए हैं। इनके पास लेखा शाखा, स्थानीय निर्वाचन, नजारत शाखा, व्यवहार न्याय, जीपीएफ, लोक स्थापना, आरएमएस शाखा, रीडर शाखा तथा नजूल संबंधी कार्यों की जिम्मेदारी होगी।
सीहोर एसडीएम तन्मय वर्मा: इन्हें मुख्य दायित्वों के साथ-साथ लोक परिसंपत्ति प्रबंधन और अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ का विशेष प्रभार दिया गया है।
इछावर एसडीएम स्वाति मिश्रा: इन्हें टाइपिंग शाखा, आवक-जावक शाखा, अल्प बचत, धार्मिक न्यास तथा सैनिक कल्याण से संबंधित कार्यों का दायित्व सौंपा गया है।
काम न रुके, इसलिए बनाई लिंक अधिकारी व्यवस्था
प्रशासनिक कार्यों में किसी भी तरह की रुकावट न आए इसके लिए कलेक्टर ने आदेश में एक लिंक अधिकारी व्यवस्था भी तय की है। इसके तहत यदि कोई अधिकारी अवकाश, शासकीय दौरे या किसी अन्य कारण से अनुपस्थित रहता है तो उसके स्थान पर तय किया गया दूसरा लिंक अधिकारी उस विभाग का काम संभालेगा। इससे आम जनता को अपने कामों के लिए भटकना नहीं पड़ेगा और दफ्तर के काम निर्बाध रूप से चलते रहेंगे।