शराब से उजड़ रहे परिवार, आक्रोशित महिलाओं का थाने पर हल्ला बोल
महिलाओं ने गांव में शराब बंद करो, हमारे घर बचाओ नारे के साथ किया प्रदर्शन

सीहोर। गांव में शराब बंद करो, हमारे घर बचाओ के नारों के साथ ग्राम पिपलानी और डंडकी की सैकड़ों महिलाओं का सब्र आखिर टूट गया। बुधनी विधानसभा क्षेत्र के गांवों में फैलते अवैध शराब के जहर के विरोध में महिलाओं ने गोपालपुर थाने का घेराव कर जमकर प्रदर्शन किया। हाथों में तख्तियां लिए महिलाओं ने दोटूक चेतावनी दी कि यदि पुलिस ने अवैध शराब बेचने वालों पर सख्त कार्रवाई नहीं की तो क्षेत्र में उग्र आंदोलन छेड़ा जाएगा।
हैरानी की बात यह है कि सरकार ने नर्मदा किनारे के गांवों में शराब बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया हुआ है, लेकिन धरातल पर स्थिति इसके उलट है। महिलाओं ने गंभीर आरोप लगाया कि गांवों में डायरी सिस्टम के जरिए शराब की होम डिलीवरी हो रही है। किराने की दुकानों और घरों से आसानी से शराब उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे स्पष्ट है कि शराब माफिया का नेटवर्क बेहद मजबूत है।
मारपीट और कर्ज से महिलाएं त्रस्त
प्रदर्शनकारी महिलाओं ने थाना प्रभारी को अपनी पीड़ा सुनाते हुए कहा कि पुरुष अपनी मेहनत-मजदूरी की कमाई नशे में उड़ा रहे हैं। शराब के कारण घरों में रोज मारपीट और कलह हो रही है। ग्राम पंचायत राला की सरपंच ममता बजाज के नेतृत्व में भी महिलाएं पहले आवाज उठा चुकी हैं। अब रालाए अकावलिया और चीटीखेड़ा के बाद पिपलानी की महिलाओं ने भी मोर्चा खोल दिया है।
युवाओं के भविष्य पर खतरा
महिलाओं का कहना है कि शराब की सुलभ उपलब्धता के कारण गांव के युवा नशे की गर्त में जा रहे हैंए जिससे बीमारियां और अपराध बढ़ रहे हैं। पुलिस को सौंपे ज्ञापन में मांग की गई है कि उन ठिकानों पर तत्काल छापामार कार्रवाई की जाए जहां अवैध भंडारण किया जा रहा है। थाना प्रभारी ने महिलाओं को उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।



