एनएसयूआई के आरोपों पर बीजेपी का पलटवार, कॉलेज में कोई नाच-गाना नहीं हुआ, बाबा साहेब पर राजनीति न करे कांग्रेस

सीहोर। शासकीय प्रधानमंत्री एक्सीलेंस चंद्रशेखर आजाद स्नातकोत्तर कॉलेज में बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की तस्वीर और परिसर में आयोजित कार्यक्रम को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक मोड़ ले चुका है। एनएसयूआई द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद भारतीय जनता पार्टी सीहोर मंडल ने पलटवार किया है। भाजपा नेताओं ने साफ कहा कि कॉलेज में कोई नाच-गाना नहीं हुआ था, केवल भंडारे का आयोजन था। इसके साथ ही भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्राचार्य कक्ष में बाबा साहेब की तस्वीर सम्मानपूर्वक पुन: स्थापित की।
एनएसयूआई के आरोपों का जवाब देते हुए भाजपा मंडल अध्यक्ष सुदीप प्रजापति ने कहा कि कांग्रेस और उसकी छात्र इकाई के पास अनर्गल आरोप लगाने के अलावा कोई काम नहीं बचा है। हाल ही में कॉलेज परिसर में छात्रों द्वारा आयोजित कार्यक्रम पर स्थिति साफ करते हुए उन्होंने कहा कि वहां केवल भंडारे का आयोजन किया गया था, कोई नाच-गाना नहीं हो रहा था।
अंबेडकर जी की तस्वीर हटाने के आरोप पर सच्चाई बताते हुए प्रजापति ने कहा कि नई बिल्डिंग के प्राचार्य कक्ष में बाबा साहेब की तस्वीर पहले से लगी हुई है। पुरानी बिल्डिंग के प्राचार्य कक्ष में पुताई और साफ सफाई का काम चल रहा था, इसलिए तस्वीर को अस्थाई रूप से हटाया गया था। काम पूरा होते ही कार्यकर्ताओं ने सम्मानपूर्वक तस्वीर वापस लगा दी है।
कांग्रेस ने कभी बाबा साहेब को सम्मान नहीं दिया
भाजपा मंडल अध्यक्ष सुदीप प्रजापति के निर्देशन और मंडल महामंत्री नीरज जाटव के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने प्राचार्य डॉ. रोहिताश्व शर्मा की मौजूदगी में प्राचार्य कक्ष की दीवार पर बाबा साहेब की तस्वीर लगाई और बाबा साहेब अमर रहें के नारे लगाए।
इस दौरान मंडल महामंत्री नीरज जाटव ने एनएसयूआई पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस की छात्र इकाई बाबा साहेब के नाम पर केवल झूठी और भ्रामक राजनीति कर रही है। कांग्रेस ने अपने पूरे शासनकाल में बाबा साहेब को कभी सम्मान नहीं दिया, इसी का नतीजा है कि आज कांग्रेस देश में शून्य पर आ गई है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार आने के बाद से ही बाबा साहेब के विचारों और उनके अनुयायियों को निरंतर आगे बढ़ाया जा रहा है।
एनएसयूआई ने किया था विरोध प्रदर्शन
बता दें 23 सितंबर को एनएसयूआई जिलाध्यक्ष हरिओम सिसोदिया के नेतृत्व में छात्र-छात्राओं ने कॉलेज में जमकर विरोध प्रदर्शन किया था। एनएसयूआई ने आरोप लगाया था कि प्राचार्य रोहिताश्व शर्मा एबीवीपी के इशारे पर काम कर रहे हैं और उन्होंने प्राचार्य कक्ष से बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की तस्वीर हटवाकर उनका अपमान किया है।
परीक्षा हॉल में भंडारे पर सवाल
छात्र नेता यश यादव ने आरोप लगाया था कि परीक्षा हॉल को किसी संगठन विशेष के कार्यक्रम और भंडारे के लिए देना नियमों के खिलाफ है। साथ ही बाबा साहेब के नाम पर बनी सेंट्रल लाइब्रेरी को परीक्षा हॉल में तब्दील करने का भी कड़ा विरोध किया गया था। इस प्रदर्शन में ग्यासी यादव, विष्णु मालवीय, रुद्र वर्मा, नैन्सी, नितिन सहित बड़ी संख्या में छात्र शामिल थे।
इस पूरे घटनाक्रम पर भाजपा के पलटवार के बाद अब कॉलेज की राजनीति गरमा गई है। तस्वीर लगाने के दौरान भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य रवि नागले, अक्षय चौहान, पवन बोयत, रोहित भगवान, यश चौरसिया, दीपक पाटीदार, रवि राय, कपिल अटेरिया, सत्येंद्र मंगरोलिया और रोहित सिट सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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