Newsआष्टाइछावरजावरनसरुल्लागंजबुदनीमध्य प्रदेशरेहटीसीहोर

भाजपा नेताओं ने विधायक की धौंस देकर पंचायत से लिखवाई अनुमति, फिर खुदवा डाला अवैध तालाब

सीहोर। बुधनी से इंदौर के बीच डाली जा रही नई रेलवे लाईन में जहां बुधनी विधानसभा क्षेत्र की बुधनी, रेहटी और भैरूंदा तहसील के भाजपा नेताओं की चांदी है तो वहीं ठेकेदार भी अवैध मिट्टी लेकर मालामाल हो रहे हैं। इधर जिम्मेदारों ने भी आंखों पर पट्टी बांध रखी है। हद तो तब हो गई, जब रेहटी तहसील के भाजपा नेताओं ने ग्राम पंचायत मांजरकुई के सरपंच और सचिव को विधायक रमाकांत भार्गव की धौंस देकर पंचायत से मिट्टी खोदने की अनुमति तक लिखवा ली और रेलवे ठेकेदार से सांठ-गांठ करके उसे अवैध मिट्टी के लिए खुली छूट दे दी। अवैध तालाब का जब गांव वालों ने विरोध करना शुरू किया तो उन्हें यह आश्वासन दे दिया गया कि मिट्टी के बदले तालाब का सौंदर्यीकरण एवं पौधरोपण कराया जाएगा, लेकिन ठेकेदार ने वह शर्त भी पूरी नहीं की और तालाब को बेतरतीब तरीके से खोद डाला, जबकि अनुमति देने वाले खनिज विभाग से अब तक तालाब खोदने की अनुमति नहीं मिली। यह तो रेहटी तहसील का एक उदाहरण भर है। स्थिति ज्यादातर ताबालों की ऐसी ही रही। इससे खनिज विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवालिया निशान हैं तो वहीं विभाग के जिम्मेदार भी इस अवैध मिट्टी के खेल में शामिल है इससे भी इनकार नहीं किया जा सकता।
सीहोर जिले की बुधनी विधानसभा यूं तो राजनीतिक गलियारों में हमेशा चर्चाओं में रहती है, लेकिन अब यहां की चर्चा अवैध मिट्टी की खुदाई को लेकर ज्यादा हो रही है। यह अवैध मिट्टी का कारोबार लाखों, करोड़ों का है, क्योंकि इस समय बुधनी से इंदौर के बीच में नई रेलवे लाईन डालने का कार्य चल रहा है। इसके लिए बड़ी भारी मात्रा में मिट्टी की जरूरत है, क्योंकि रेलवे लाईन को बेहद उंचा बनाया जा रहा है। कई जगह रेलवे स्टेशनों का निर्माण कार्य भी चल रहा है। इसके लिए बड़ी मात्रा में मिट्टी की मांग है। मिट्टी के लिए रेलवे ठेकेदार ने सरकारी तंत्र के साथ ऐसी सांठ-गांठ की कि एक तरफ जहां जिम्मेदारों की चांदी हो गई है तो वहीं ठेकेदार भी कम पैसे खर्च करके मिट्टी बटोरने में लगा हुआ है।
अलग-अलग ठेकेदारों को दिया काम-
बुधनी-इंदौर के बीच डाली जा रही रेलवे लाइन की क्रियान्वयन एजेंसी रेल विकास निगम लिमिटेड (आरव्हीएनएल) है। रेल विकास निगम लि. ने ट्रैक बिछाने और सुरंगों के निर्माण जैसे विभिन्न कार्यों के लिए इरकॉन इंटरनेशनल-जेपीडब्ल्यू इंफ्रास्ट्रक्चर एवं डीपी जैन एंड कंपनी इंफ्रास्ट्रक्चर को अलग-अलग कार्य दिया है। इन कंपनियों ने भी रेलवे टैªक पर मिट्टी डालने सहित अन्य काम पेटी पर ठेकेदारों को दे दिया। इन ठेकेदारों ने ग्राम पंचायतों के सरपंच, सचिवों एवं खनिज विभाग के अधिकारियों से सांठ-गांठ करके तालाब एवं निजी किसानों की जमीनों से मिट्टी उठाकर रेलवे लाइन पर डाल दी। नियमानुसार काली मिट्टी नहीं डालनी है, लेकिन तालाबों से काली मिट्टी खोदकर रेलवे लाइन पर डाल दी।
जबाव देने से बच रहे जिम्मेदार-
इस संबंध में रेल विकास निगम एवं खनिज विभाग के अधिकारियों से चर्चा करनी चाही तो वे जबाव देने से बचते नजर आए। नाम नहीं छापने की शर्त पर भाजपा के जिम्मेदार पदाधिकारियों ने स्वीकार किया कि भाजपा नेताओं द्वारा विधायक के नाम की धौंस दिखाकर पंचायतों से लिखवाया है और अवैध मिट्टी भी खुदवाई है। इसमें पैसे भी लिए गए हैं।
कांग्रेस बोली- अवैध गतिविधियों का गढ़ बना बुधनी
इधर कांग्रेस नेता एवं प्रदेश सचिव विक्रम मस्ताल शर्मा ने खुद रही अवैध मिट्टी पर निशाना साधते हुए कहा है कि पूरा बुधनी विधानसभा अवैध गतिविधियों का अड्डा बना हुआ है। यहां पर जमकर अवैध उत्खनन किया जा रहा है। जल गंगा संवर्धन अभियान के नाम पर रेहटी, बुधनी और भैरूंदा तहसील की ग्राम पंचायतों के तालाबों को बेतरतीब तरीकों से खोद डाला। यह तालाब अब लोगों के साथ ही पशुओं की मौत का कारण भी बनेंगे।
एक नजर में बुधनी-इंदौर रेलवे लाइन-
– 205 किलोमीटर की कुल दूरी
– 7500 करोड़ रुपए लागत
– 2029-30 तक काम पूरा करने का लक्ष्य
– 68 किमी तक कम हो जाएगी जबलपुर की दूरी

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Mnogi ne vedo, da lahko tudi stročnice postanejo osnova lahkih in zelo okusnih jedi. Njihova priprava ponuja več možnosti, vrednih podrobnejše raziskave. kako vrstni red hrane Ko se začnejo hladnejši dnevi, pridejo prav okusni in zdravi recepti z veliko zelenjave ter toplimi, nasitnimi okusi.