बीजेपी की प्रेस कॉन्फ्रेंस, कांग्रेस की आपत्ति, जिलाध्यक्ष ने बनाई दूरी
कांग्रेस जिलाध्यक्ष की आपत्ति के बाद जिला पंचायत सभागार से बीजेपी कार्यालय शिफ्ट हुई पत्रकार वार्ता

सीहोर। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर कांग्रेस द्वारा फैलाए जा रहे कथित भ्रम के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी द्वारा आयोजित पत्रकार वार्ता मंगलवार को जिले भर में चर्चा का विषय बनी रही। शुरुआत में यह प्रेस कॉन्फ्रेंस जिला पंचायत के शासकीय मीटिंग हॉल में रखी गई थी, लेकिन कांग्रेस के विरोध के बाद अंतिम समय में इसका स्थान बदलकर बीजेपी जिला कार्यालय करना पड़ा।
हालांकि असली सियासी हलचल तब देखने को मिली जब पहले से तय कार्यक्रम के बावजूद बीजेपी जिलाध्यक्ष नरेश मेवाड़ा पत्रकार वार्ता से पूरी तरह नदारद रहे। जिलाध्यक्ष की अनुपस्थिति में जिला पंचायत अध्यक्ष रचना मेवाड़ा और उनके पति व भाजपा नेता सुरेंद्र मेवाड़ा ने मोर्चा संभालते हुए पत्रकारों के सवालों के जवाब दिए।
ऐसे शुरू हुआ घटनाक्रम
बता दें पूरे घटनाक्रम की शुरुआत तब हुई जब भाजपा जिला मीडिया प्रभारी प्रितेश राठौर ने सूचना जारी की कि दोपहर 2 बजे जिला पंचायत के मीटिंग हॉल में बीजेपी जिलाध्यक्ष नरेश मेवाड़ा और जिपं अध्यक्ष रचना मेवाड़ा संयुक्त रूप से प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करेंगे। जैसे ही यह बात सामने आई, कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजीव गुजराती ने कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने लोकतंत्र और प्रशासनिक निष्पक्षता का सवाल उठाते हुए शासकीय भवन के उपयोग पर तीन सवाल दागे…
1. शासकीय संस्था जिला पंचायत के मीटिंग हॉल में राजनीतिक प्रेस वार्ता की अनुमति किसने दी।
2. क्या इसके लिए कोई विधिवत लिखित अनुमति ली गई थी।
3. यदि अनुमति थी तो उसे सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया।
कांग्रेस के इस आक्रामक रुख के बाद हडक़ंप मच गया और आनन-फानन में पत्रकार वार्ता का स्थान बदलकर बीजेपी का जिला पार्टी कार्यालय तय किया गया।
जिलाध्यक्ष के दूरी बनाने पर उठे सवाल
स्थान बदलने के बाद जब बीजेपी कार्यालय में प्रेस वार्ता शुरू हुई तो वहां जिलाध्यक्ष नरेश मेवाड़ा की गैरमौजूदगी ने सभी को चौंका दिया। पहले तय सूचना के अनुसार जिलाध्यक्ष को खुद यह पीसी लेनी थी, लेकिन विवाद गहराने के बाद वे इससे दूर ही रहे। उनकी जगह जिला पंचायत अध्यक्ष रचना सुरेंद्र मेवाड़ा, उनके पति सुरेंद्र मेवाड़ा और मीडिया प्रभारी प्रितेश राठौर ने मंच संभाला।
विशेष गहन पुनरीक्षण पर भाजपा ने रखा पक्ष
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष रचना मेवाड़ा और उनके पति सुरेंद्र मेवाड़ा ने चुनाव आयोग के हालिया स्पष्टीकरण का हवाला देते हुए कांग्रेस और विपक्ष के आरोपों को खारिज किया। रचना मेवाड़ा ने कहा चुनाव आयोग के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार तथा दोनों चुनाव आयुक्तों डॉ. एसएस संधू एवं डॉ. विवेक जोशी के संयुक्त वक्तव्य से साफ है कि विशेष गहन पुनरीक्षण का फैसला सभी सदस्यों की सहमति से लिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कैबिनेट सचिव को भेजा गया पत्र किसी नीतिगत विषय से संबंधित नहीं था, बल्कि प्रतिनियुक्ति पर आए एक अधिकारी का आंतरिक प्रशासनिक मामला था। सुप्रीम कोर्ट द्वारा प्रपत्र-6 के साथ संलग्न घोषणा-पत्र को पूरी तरह वैध ठहराया गया है। चुनाव आयोग हर पात्र नागरिक का नाम जोडऩे के लिए विशेष शिविर और बीएलओ के जरिए घर-घर जाकर फॉर्म एकत्र करा रहा है। जिला पंचायत अध्यक्ष रचना मेवाड़ा ने कहा कि कांग्रेस हमेशा ईवीएम और चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्थाओं पर झूठे आरोप लगाकर जनता को गुमराह करती रही है।



