बदलेंगे बुधनी के दिन, नई रेल लाइन से खुलेगी प्रगति की राह, जंक्शन के रूप में विकसित होगा स्टेशन

सीहोर। मध्य प्रदेश के मालवा और नर्मदांचल क्षेत्र के विकास को नई रफ्तार देने के लिए इंदौर-बुधनी ब्रॉडगेज रेल लाइन परियोजना पर काम तेजी से जारी है। करीब 205.5 किलोमीटर लंबी इस रेल लाइन के शुरू होने से बुधनी की तस्वीर पूरी तरह बदलने वाली है। नई रेल लाइन से जुडऩे के बाद बुधनी स्टेशन की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो जाएगी और इसे एक प्रमुख रेलवे जंक्शन के रूप में विकसित किया जाएगा।
इस नई रेल लाइन के बनने से सीहोर, देवास और इंदौर जिलों के दूरदराज इलाकों को सीधा फायदा मिलेगा। विशेष रूप से भैरुंदा, खातेगांव और कन्नौद जैसे क्षेत्रों को पहली बार सीधा रेल संपर्क मिलेगा। अब तक इन इलाकों में ट्रेन की सुविधा नहीं थी। रेल कनेक्टिविटी मिलने से यहां के लोगों को उच्च शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं, व्यापार और रोजगार के लिए बड़े शहरों तक आने-जाने में काफी आसानी होगी। लगभग 3261 करोड़ की लागत से बन रहे इस लेवल-क्रॉसिंग फ्री कॉरिडोर में 18 स्टेशन, 80 बड़े पुल और दो लंबी सुरंगें शामिल हैं। इसके शुरू होने से इंदौर और जबलपुर के बीच की दूरी 68 किलोमीटर कम हो जाएगी, जिससे क्षेत्र में व्यापार, शिक्षा और रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।
18 स्टेशन, 80 बड़े पुल और 2 लंबी सुरंगें
परियोजना के तहत कुल 18 स्टेशनों का निर्माण किया जा रहा है। भौगोलिक चुनौतियों से निपटने के लिए रूट पर करीब 80 बड़े पुल, दर्जनों छोटे पुल और दो लंबी सुरंगें बनाई जा रही हैं। सुरक्षा के लिहाज से मुख्य सुरंग के साथ एक समानांतर एस्केप टनल भी प्रस्तावित है।
बिना फाटक होगा पूरा कॉरिडोर
रेलवे सुरक्षा और सडक़ यातायात को सुगम बनाने के लिए इस पूरे कॉरिडोर को लेवल क्रॉसिंग (रेलवे फाटक) मुक्त रखा जाएगा। गाडिय़ों और पैदल राहगीरों के आवागमन के लिए जगह-जगह रोड ओवरब्रिज और रोड अंडरब्रिज बनाए जा रहे हैं।
भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया जारी, बुधनी बनेगा नया जंक्शन
सितंबर 2026 में रेल विकास निगम लिमिटेड द्वारा इंदौर, देवास और सीहोर जिलों में भूमि अधिग्रहण को लेकर आवश्यक अधिसूचनाएं जारी कर दी गई हैं, जिससे निर्माण कार्यों में तेजी आई है। इस नई लाइन के जुडऩे से बुधनी स्टेशन की भूमिका काफी बढ़ जाएगी और भविष्य में इसे एक प्रमुख जंक्शन के रूप में विकसित किया जाएगा।
परियोजना पर एक नजर
मंजूरी: 19 सितंबर 2018 केंद्रीय मंत्रिमंडल
अनुमानित लागत: 3,261.82 करोड़
कुल लंबाई: 205.5 किलोमीटर
कुल स्टेशन: 18 स्टेशन
इंदौर-जबलपुर दूरी में कमी: लगभग 68 किलोमीटर
लाभान्वित मुख्य क्षेत्र: मांगलियागांव, कन्नौद, खातेगांव, भैरुंदा और बुधनी



