मगरमच्छ को पीट-पीटकर मारने का मामला: आज फिर सर्चिंग पर निकलेगी वन विभाग की टीम, गांव में कराई गई मुनादी

सीहोर। रेहटी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम चकल्दी में एक मगरमच्छ को ग्रामीणों द्वारा पीट-पीटकर मार डालने का मामला सामने आया है। खेत में मगरमच्छ घुसने की खबर से फैली दहशत के बाद ग्रामीणों ने लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया। इस घटना के बाद से वन विभाग और पुलिस प्रशासन में हडक़ंप मचा हुआ है। शुक्रवार को तीन घंटे चले सर्चिंग ऑपरेशन में कुछ हाथ न लगने के बाद आज शनिवार को वन विभाग की टीम एक बार फिर गांव और खेतों में बड़े स्तर पर सर्चिंग अभियान चलाएगी।
जनहानि के डर से किया हमला
जानकारी के अनुसार ग्राम चकल्दी के पास खेतों में अचानक एक मगरमच्छ रेंगता हुआ दिखाई दिया। अमूमन नदी और तालाबों में दिखने वाले मगरमच्छ को अचानक सूखी जमीन और खेतों के बीच देखकर वहां काम कर रहे किसानों और मजदूरों के होश उड़ गए। इलाके में तुरंत दहशत फैल गई।
ग्रामीणों का कहना है कि खेतों में कटाई और सिंचाई के काम के लिए अक्सर मजदूर परिवारों की महिलाएं अपने छोटे-छोटे बच्चों को भी साथ लेकर जाती हैं। ऐसे में किसी मासूम बच्चे या किसान पर मगरमच्छ के हमले और बड़ी जनहानि की आशंका को भांपते हुए ग्रामीणों ने बिना देर किए लाठियों और धारदार हथियारों से उस पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया और उसे मार डाला।
आज फिर होगी सघन सर्चिंग
घटना की भनक लगते ही रेहटी थाना पुलिस और वन विकास निगम की संयुक्त टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई। अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लिया और करीब तीन घंटे तक खेतों और आसपास के इलाकों में सर्चिंग अभियान चलाया। हालांकि 10 सदस्यीय इस रेस्क्यू और सर्चिंग टीम को पहले दिन मौके पर मगरमच्छ का शव या कोई ठोस अवशेष हाथ नहीं लगा।
आशंका जताई जा रही है कि कानूनी कार्रवाई के डर से ग्रामीणों ने शव को कहीं छिपा दिया है। इसी के चलते विभाग ने शुक्रवार को पूरे गांव में मुनादी कराकर सख्त हिदायत दी है। आज शनिवार को वन विभाग और पुलिस की टीमें दोबारा चकल्दी गांव के खेतों और संभावित ठिकानों पर सर्चिंग ऑपरेशन शुरू कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि वन्यजीव अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच की जा रही है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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