
सीहोर। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजीव गुजराती ने सीहोर शहर की बदहाल सडक़ों और प्रशासनिक लापरवाही को लेकर प्रदेश सरकार, स्थानीय विधायक और सांसद पर निशाना साधा है। इसके साथ ही उन्होंने सीहोर नगरपालिका अध्यक्ष प्रिंस विकास राठौर द्वारा दो दिन पहले लोक निर्माण विभाग कार्यालय पहुंचकर मण्डी क्षेत्र की सडक़ की दुर्दशा उजागर करने के कदम का समर्थन करते हुए उन्हें बधाई दी है। राजीव गुजराती ने कहा कि देर से ही सही नपाध्यक्ष ने पीडब्ल्यूडी दफ्तर पहुंचकर अपनी ही सरकार, स्थानीय विधायक और सांसद को विकास के दावों का असली आईना दिखाया है।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि सीहोर शहर में इन दिनों अधिकांश सडक़ों की हालत अत्यंत दयनीय है और पूरी सडक़ें जानलेवा गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं। खासतौर पर श्यामपुर रोड की दुर्दशा ने आम जनता का पैदल चलना तक मुश्किल कर दिया है। उन्होंने कहा कि करीब 28 करोड़ रुपये की लागत से बनी यह सडक़ निर्माण के महज 6 महीने भी नहीं टिक सकी। इतने बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार पर कार्रवाई नहीं की गई। राजीव गुजराती ने सवाल उठाया कि नपाध्यक्ष केवल 4 किलोमीटर सडक़ की बात क्यों कर रहे हैं, बाकी की 24 किलोमीटर सडक़ का क्या होगा। जिस फोरलेन सडक़ का सपना जनता सालों से देख रही है, न जाने वह कब पूरा होगा, लेकिन तब तक रोजाना इस रास्ते से गुजरने वाली जनता को इस यातना से मुक्ति कैसे मिलेगी।
नपा और पीडब्ल्यूडी दोनों अपने हिस्से की सडक़ सुधारें
राजीव गुजराती ने जनहित में मांग की कि नगरपालिका को तुरंत अपने हिस्से की सडक़ ठीक करनी चाहिए और मध्य प्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन एमपीआरडीसी को अपने हिस्से की श्यामपुर सडक़ का जीर्णोद्धार करना चाहिए, तभी आम जनता को वास्तविक राहत मिल पाएगी। उन्होंने कहा कि लगभग 40 करोड़ रुपये की लागत से हाउसिंग बोर्ड से फंदा तक सडक़ का निर्माण पीडब्ल्यूडी द्वारा कराया जा रहा है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि इस निर्माण कार्य में गुणवत्ता का कितना ध्यान रखा जा रहा है।
हैंडओवर और नई बनी सडक़ों का भी बुरा हाल
राजीव गुजराती ने बताया कि प्रदेश सरकार ने पूर्व में नगर की 6 प्रमुख सडक़ों को लोक निर्माण विभाग से नगरपालिका को हैंडओवर कराया था, लेकिन देखरेख के अभाव में इनमें से अधिकांश सडक़ों की हालत खस्ता हो चुकी है। उड़ती धूल और बड़े-बड़े गड्ढों से राहगीर परेशान हैं। इतना ही नहीं करीब दो महीने पहले कोतवाली ढाल से लीसा टॉकीज तक और एमपीबी चौराहे पर हुए डामरीकरण के दो महीने बाद भी सडक़ें उखडऩे लगी हैं। उन्होंने सवाल किया कि भाजपा सरकार में इस बंदरबांट और भ्रष्टाचार का जिम्मेदार कौन है। जनता के लिए सडक़ किसी विभाग की हो, उसकी सुरक्षा और सुविधा सबसे ऊपर है।
कांग्रेस लगातार उठा रही है जनता की आवाज
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने याद दिलाया कि पार्टी सडक़ों के मुद्दे पर लगातार आंदोलनरत है। श्यामपुर रोड की दुर्दशा को लेकर कार्यकर्ताओं ने पदयात्रा निकाली। ठेकेदार और लापरवाह अफसरों पर एफआईआर दर्ज कराने की मांग की। बिजौरी के टूटे पुल पर जोरदार प्रदर्शन किया। सोई हुई सरकार को जगाने के लिए कांग्रेस नेता पंकज शर्मा ने मुंडन तक करवाया।
दलगत राजनीति से ऊपर उठकर हो सख्त कार्रवाई
गुजराती ने कहा कि लंबे समय से सो रहे सत्ताधारी जनप्रतिनिधियों के बीच आखिरकार नपाध्यक्ष प्रिंस विकास राठौर ने अफसरों के समक्ष मंडी क्षेत्र और शहर की सडक़ों की पोल खोली है। इस हिम्मत के लिए वे साधुवाद के पात्र हैं, लेकिन बात सिर्फ बयानों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने भाजपा के विधायक, सांसद और सभी जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे दलगत राजनीति से ऊपर उठकर जनता की समस्या पर ध्यान दें। घटिया निर्माण कराने वाले ठेकेदारों और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए ताकि जनता को टिकाऊ और गुणवत्तापूर्ण सडक़ें मिल सकें।