संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने धरना स्थल पर चूल्हे पर चाय बनाकर जताई नाराजगी

सीहोर। मध्य प्रदेश में संविदा नीति, वेतन विसंगति और नेशनल पेंशन स्कीम के विरोध में संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल लगातार जारी है। आंदोलन के आठवें दिन कर्मचारियों ने सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए एक अनोखा और अनूठा तरीका अपनाया। धरना स्थल पर ही कर्मचारियों ने चूल्हा जलाया और उस पर चाय बनाकर विरोध प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारी कर्मचारियों का कहना है कि इस सांकेतिक प्रदर्शन के जरिए वे सरकार तक अपनी आवाज और मांगों का संदेश पहुंचाना चाहते हैं, क्योंकि लंबे समय से प्रशासन उनकी जायज मांगों की अनदेखी कर रहा है।
आर-पार की लड़ाई का ऐलान
धरना स्थल पर बड़ी संख्या में एकत्रित हुए स्वास्थ्य कर्मचारियों ने संविदा एकता जिंदाबाद के नारे लगाए। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि वे पिछले कई वर्षों से शोषणकारी संविदा नीति का दंश झेल रहे हैं। अल्प मानदेय और असुरक्षित भविष्य के बीच वे स्वास्थ्य सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी समस्याओं के स्थाई समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है।
आंदोलनकारियों ने साफ शब्दों में कहा कि वे नियमितीकरण सहित अपनी अन्य प्रमुख मांगों को लेकर अब आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं तो इस आंदोलन को और अधिक उग्र और तेज किया जाएगा।
11 जून को भोपाल में मुख्यमंत्री निवास का घेराव करेंगे कर्मचारी
संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने अपने आगामी कदम की रणनीति भी साफ कर दी है। आंदोलन के अगले चरण के तहत कर्मचारी सबसे पहले स्थानीय प्रशासन को अपनी मांगों का एक विस्तृत ज्ञापन सौंपेंगे। इसके बाद आगामी 11 जून को प्रदेशभर के हजारों संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी राजधानी भोपाल में जुटेंगे। कर्मचारियों ने अपनी एकजुटता दिखाते हुए 11 जून को भोपाल में मुख्यमंत्री निवास का घेराव करने की पूरी तैयारी कर ली है। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उन्हें नियमित करने और वेतन विसंगति दूर करने का लिखित आश्वासन नहीं मिलता, तब तक उनका यह कदम पीछे नहीं हटेगा।

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