
सीहोर। भारतीय संस्कृति की आधारस्तंभ गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने और देश में गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर सोमवार को भैरूंदा की सडक़ों पर जनसैलाब उमड़ पड़ा। सकल हिंदू समाज के बैनर तले आयोजित गौ सम्मान आह्वान अभियान के तहत हजारों गौ भक्तों ने एकजुट होकर हुंकार भरी और सरकार से गौ संरक्षण के लिए कठोर कानून बनाने की मांग की।
आंदोलन की शुरुआत नगर के संगोष्ठी भवन से हुई, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु और गौ सेवक एकत्रित हुए। यहां से एक विशाल रैली निकाली गई, जिसमें सबसे आगे गौ माता चल रही थीं। रैली का मुख्य आकर्षण रथ पर सवार भगवान श्रीकृष्ण का स्वरूप और उनके साथ मौजूद नन्हीं बछिया रही, जिसे देखकर नगरवासी भावविभोर हो उठे। यह शोभायात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरी, जहां कदम-कदम पर पुष्पवर्षा कर इसका स्वागत किया गया।
नारों से गूंज उठा शहर, तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन
रैली के दौरान चारों ओर गौ हत्या बंद करो और गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा दो के नारे गूंजते रहे। प्रदर्शनकारी नाचते-गाते और जयघोष करते हुए तहसील कार्यालय पहुंचे। यहां गौ-सेवकों ने तहसीलदार सौरभ शर्मा को राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम संबोधित एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन में शामिल लोगों ने स्पष्ट किया कि अब समय आ गया है जब सरकार को गौ माता के सम्मान में ऐतिहासिक निर्णय लेना चाहिए।
ज्ञापन में की गई प्रमुख मांगें
राष्ट्रमाता का दर्जा: गौ माता को आधिकारिक रूप से भारत की राष्ट्रमाता घोषित किया जाए।
हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध: पूरे देश में गौ वंश की हत्या पर सख्त कानून बनाकर पूर्णत: रोक लगाई जाए।
गौ तस्करी पर नकेल: गौ तस्करी करने वालों के खिलाफ कठोर दंड और त्वरित कार्रवाई का प्रावधान हो।
बेहतर व्यवस्थाएं: सडक़ों पर घूम रही लावारिस गायों के लिए स्थायी गौशालाएं, चारे-पानी और उचित चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित की जाए।
सामाजिक जिम्मेदारी का प्रतीक
सकल हिंदू समाज के पदाधिकारियों ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि यह अभियान केवल धार्मिक आस्था नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक पहचान को बचाने की लड़ाई है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि जब तक गौ माता को उनका उचित सम्मान नहीं मिल जाता, यह आंदोलन रुकने वाला नहीं है। प्रदर्शन में क्षेत्र के गणमान्य नागरिक, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में मातृशक्ति शामिल हुईं।