श्रवण एवं वाक बाधित समुदाय को मिला हक, जिला न्यायालय में लगा विधिक साक्षरता शिविर

अनुगूंज पहल के तहत लॉन्च हुआ संकेतवाणी ऐप, वीडियो बनाकर अपनी भाषा में दर्ज करा सकेंगे शिकायत

सीहोर। श्रवण एवं वाक बाधित (मूक-बधिर) समुदाय के लोगों को समाज की मुख्यधारा से जोडऩे और उन्हें उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए शनिवार को एक ऐतिहासिक शुरुआत हुई। द्गद्ब5 उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधिपति व राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के संरक्षक न्यायमूर्ति विवेक रूसिया एवं न्यायमूर्ति विशाल मिश्रा द्वारा सुबह 10.30 बजे प्रदेशव्यापी विधिक साक्षरता शिविर का ऑनलाइन शुभारंभ किया गया।
इसी कड़ी में जिला न्यायालय के एडीआर सेंटर सभाकक्ष में प्रधान जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष संजीव कुमार अग्रवाल द्वारा दीप प्रज्वलित कर जिला स्तरीय कार्यस्र5म की शुरुआत की गई। इस अनूठे आयोजन में जिले भर से आए दिव्यांग हितग्राहियों को प्रमाण&पत्र भी वितरित किए गए।
ऐप से दूर होगी हर समस्या
ऑनलाइन शुभारंभ के दौरान मुख्य न्यायाधिपति ने कहा कि अनुगूंज अभियान श्रवण एवं वाक बाधित समुदाय की आवाज को एक नई पहचान दिलाने की एक संवेनदशील पहल है। इसके तहत प्रत्येक मूक-बधिर व्यक्ति की भावनाओं और समस्याओं को एक मजबूत मंच प्रदान किया जाएगा।
इस उद्देश्य के लिए राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर द्वारा संकेतवाणी ऐप तैयार किया गया है। इस ऐप के माध्यम से कोई भी पीडि़त व्यक्ति साइन लैंग्वेज संकेत भाषा में अपना वीडियो बनाकर अपनी समस्या दर्ज करा सकेगा। विधिक सेवा संस्थाएं उस वीडियो का अनुवाद करवाकर उसकी समस्या को समझेंगी और उसका कानूनी निराकरण करेंगी।
विशेषज्ञों ने दिए महत्वपूर्ण टिप्स
कार्यक्रम के विभिन्न तकनीकी सत्रों में देश के जाने-माने विशेषज्ञों ने ऑनलाइन माध्यम से बहुमूल्य जानकारियां दीं…
मध्यस्थता की जानकारी: सर्वोच्च न्यायालय की वरिष्ठ प्रशिक्षित विशेषज्ञ अनुजा सक्सेना ने विवादों को आपसी रजामंदी और मध्यस्थता से सुलझाने की प्रक्रिया समझाई।
अधिकार और योजनाएं: सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के कमिश्नर अजय खेमरिया ने शासन की कल्याणकारी योजनाओं और दिव्यांगों के कानूनी अधिकारों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
स्ट्रेस मैनेजमेंट: योग विशेषज्ञ और साइकोलॉजिस्ट प्रयाग जैन ने तनाव मुक्ति और भावनात्मक रूप से स्वस्थ रहने के लिए योग व मानसिक उपाय बताए।
कानूनी सहायता: राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की सदस्य सचिव सुमन श्रीवास्तव ने विधिक सहायता और दिव्यांगजन सशक्तिकरण के कानूनी पहलुओं से अवगत कराया।
सचिव स्वप्नश्री सिंह ने की सीधे चर्चा, लिया फीडबैक
कार्यक्रम के अंतिम सत्र में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव स्वप्नश्री सिंह ने शिविर में आए सभी प्रतिभागियों से सीधी चर्चा की। उन्होंने सांकेतिक भाषा के माध्यम से जाना कि उन्होंने इस शिविर से क्या सीखा और कार्यक्रम का फीडबैक लिया। श्रीमती सिंह ने तहसील न्यायालय से लेकर देश की सर्वोच्च अदालत सुप्रीम कोर्ट तक संचालित होने वाली नि:शुल्क विधिक सहायता योजनाओं की जानकारी बेहद सरल शब्दों में दी और प्रतिभागियों की शंकाओं का मौके पर ही समाधान किया।
साइन लैंग्वेज एक्सपट्र्स ने निभाई सक्रिय भूमिका
इस आयोजन को सफल बनाने में श्राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य पुनर्वास केंद्र सीहोर का विशेष सहयोग रहा। केंद्र की ओर से उपलब्ध कराए गए संकेत भाषा विशेषज्ञों साइन लैंग्वेज एक्सपट्र्स ने पूरे कार्यक्रम के दौरान सामान्य भाषा को सांकेतिक भाषा में बदलकर मूक-बधिर प्रतिभागियों और न्यायिक अधिकारियों के बीच संवाद का एक मजबूत सेतु बनाया।
इस अवसर पर कुटुंब न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश वैभव मण्डलोई, विशेष न्यायाधीश हेमंत जोशी, जिला न्यायाधीश स्मृतासिंह ठाकुर, जिला न्यायाधीश एमके वर्मा, अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष अनिल पारे, जिला विधिक सहायता अधिकारी जीशान खान सहित बड़ी संख्या में न्यायिक अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग, डीआईसी, सामाजिक न्याय विभाग की टीमें, एनजीओ प्रतिनिधि, पैनल एडवोकेट्स और पैरालीगल वॉलेंटियर्स उपस्थित रहे।

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