दिव्यांग को पीएम आवास बनाने से रोका, मजदूरों को खदेड़ा, जान से मारने की धमकी

सीहोर। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत स्वीकृत पक्का मकान बनवाना एक दिव्यांग के लिए बेहद मुश्किल बन गया है। मामला दोराहा तहसील के ग्राम पीपलखेड़ा का है, जहां एक दिव्यांग पीडि़त ने गांव के ही कुछ प्रभावशाली लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीडि़त का कहना है कि दबंग उसकी खुद की जमीन पर मकान का निर्माण कार्य नहीं होने दे रहे हैं और विरोध करने पर पूरे परिवार को जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं। न्याय की मांग को लेकर पीडि़त दिव्यांग अपने परिवार के साथ कलेक्ट्रेट में आयोजित जनसुनवाई में पहुंचा।
ग्राम पीपलखेड़ा निवासी पीडि़त दिव्यांग सुखवेंद्र दांगी को सरकार की प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का मकान बनाने की स्वीकृति मिली है। सुखवेंद्र ने अतिरिक्त कलेक्टर को आवेदन सौंपते हुए बताया कि जैसे ही वह अपने मकान का निर्माण कार्य शुरू कराते हैं, गांव का एक प्रभावशाली परिवार लाठी-डंडे लेकर मौके पर पहुंच जाता है और जबरन काम बंद करा देता है। दबंगों का खौफ इस कदर है कि वे निर्माण कार्य में लगे मजदूरों को भी डरा-धमकाकर वहां से भगा देते हैं। इस वजह से पीडि़त अपने ही स्वीकृत मकान का निर्माण नहीं करा पा रहा है।
डर के साए में जीने को मजबूर
पीडि़त सुखवेंद्र दांगी ने अपने आवेदन में यह भी दावा किया है कि जिस प्रभावशाली परिवार पर वे आरोप लगा रहे हैं, उसके कुछ सदस्यों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड है और उन पर पहले से ही आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। इसी वजह से उनका पूरा परिवार लगातार डर और भय के माहौल में जीने को मजबूर है।
पीडि़त ने मांगी सुरक्षा
दबंगों की प्रताडऩा और धमकियों से परेशान होकर सुखवेंद्र दांगी अपने परिवार के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने अतिरिक्त कलेक्टर को शिकायती आवेदन देकर अपने और अपने परिवार के लिए सुरक्षा की गुहार लगाई है। पीडि़त ने प्रशासन से मांग की है कि आवास निर्माण में बाधा डालने वाले और धमकी देने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि वे शांतिपूर्वक अपना मकान बनवा सकें।
प्रशासन ने दिए जांच के निर्देश
जनसुनवाई में मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने आवेदन तुरंत स्वीकार कर लिया है। अतिरिक्त कलेक्टर ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। स्थानीय पुलिस और राजस्व विभाग को संयुक्त रूप से शिकायत की जांच कर नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

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