कुबेरेश्वरधाम में चांदी के आभूषणों से हुआ भगवान का दिव्य श्रृंगार, दर्शन को उमड़े श्रद्धालु

सीहोर। जिला मुख्यालय के समीपस्थ स्थित कुबेरेश्वरधाम में सोमवार को एक अनूठा धार्मिक नजारा देखने को मिला। धाम स्थित मुरली मनोहर मंदिर में विराजमान भगवान शिव-माता पार्वती, भगवान श्रीराम-माता सीता एवं भगवान श्रीकृष्ण-राधारानी का चांदी के भव्य एवं आकर्षक आभूषणों से दिव्य श्रृंगार किया गया। कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा की उपस्थिति में भगवान के इस अलौकिक स्वरूप की सजी झांकी के दर्शन करने के लिए सुबह से ही देश भर से आए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।

सोमवार को मंदिर परिसर में जैसे ही पट खुले, भगवान के मनमोहक और अलौकिक स्वरूप को देखकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। चांदी के भव्य मुकुट, सुंदर हार, बाजूबंद और अन्य दिव्य अलंकरणों से सुसज्जित भगवान के विग्रह भक्तों का मन मोह रहे थे। पूरे दिन मंदिर परिसर में निरंतर भजन-कीर्तन, वैदिक मंत्रोच्चार और हर-हर महादेव के साथ जय श्रीराम व राधे-कृष्णा के जयघोष गूंजते रहे, जिससे पूरा वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया।
सच्ची भक्ति और मानव सेवा ही सनातन धर्म का मूल
श्रद्धालुओं को अपने विशेष संदेश के माध्यम से संबोधित करते हुए कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा भगवान की सच्ची भक्ति से ही मनुष्य का कल्याण संभव है। जब जीवन में अटूट श्रद्धा, अटूट विश्वास और निस्वार्थ सेवा का भाव होता है, तब ईश्वर की कृपा स्वत: ही प्राप्त हो जाती है। ईश्वर की आराधना के साथ-साथ दुखी और जरूरतमंद मानव की सेवा करना भी उतना ही आवश्यक है, यही हमारे सनातन धर्म का मूल संदेश है। उन्होंने कहा कि सीहोर की यह पावन भूमि आज करोड़ों शिवभक्तों की आस्था का केंद्र बन चुकी है, जहां भक्त केवल एक लोटा जल चढ़ाकर ही महादेव को प्रसन्न कर आध्यात्मिक आनंद प्राप्त कर रहे हैं।

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