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दिग्विजय सिंह ने शिवराज सिंह के गढ़ में शुरू की यात्रा, कांग्रेस ने ही उठाया सवाल

सीहोर में कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष बलवीर सिंह तोमर बोले- खेरी में रात रुकने का चयन सही नहीं

सीहोर। सीहोर जिला यूं तो हमेशा से ही राजनीति के केंद्र में रहा है। अब एक बार फिर यहां की सियासत चर्चाओं में है। दरअसल मध्यप्रदेश की सियासत के दो दिग्गज पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और शिवराज सिंह चौहान एक बार फिर आमने-सामने हैं। केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा का नाम बदलने के फैसले ने सूबे की राजनीति में उबाल ला दिया है। इसको लेकर कांग्रेस लगातार प्रदर्शन कर रही है। सीहोर जिले में भी जिलाध्यक्ष राजीव गुजराती के नेतृत्व में कांग्रेस मोर्चा खोले हुए हैं। अब पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान के संसदीय क्षेत्र इछावर विधानसभा के ग्राम खेरी से पदयात्रा शुरू कर मोर्चा खोल दिया है। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसे भ्रष्टाचार बचाने की कोशिश करार दिया है। हालांकि दिग्विजय सिंह की रणनीति इस बार बिल्कुल अलग और जमीनी नजर आ रही है। वे किसी बड़े विश्राम गृह में रुकने के बजाय एक दिन पहले ही इछावर के ग्राम खेरी पहुंचे और साधारण कार्यकर्ता मांगीलाल पटेल के घर रात्रि विश्राम किया। सोमवार को पदयात्रा शुरू करते हुए उन्होंने कहा सरकार महात्मा गांधी का नाम मिटाने की साजिश कर रही है। जब तक गांधी जी का नाम वापस नहीं जुड़ता, यह विरोध नहीं थमेगा। दिग्विजय अब सीधे उन मनरेगा मजदूरों से संवाद कर रहे हैं जिन्हें कांग्रेस अपना आधार मानती है। इधर दिग्विजय सिंह की रणनीति एवं यात्रा पर सीहोर जिले के पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष डॉ. बलवीर सिंह तोमर ने ही सवाल उठा दिया है। उन्होंने कहा कि दिग्विजय सिंह का इछावर के खेरी में रात रुकने का चयन सही नहीं है। वे यदि किसी अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति या फिर अल्पसंख्यक परिवार में रात रुकते तो बेहतर होता। डॉ. बलवीर सिंह तोमर ने इसे राजनीतिक रूप से नुकसानदेह बताया है।

पूर्व जिलाध्यक्ष ने कहा कि दिग्विजय सिंह इछावर यात्रा के दौरान खेरी गांव में रुके थे, लेकिन उनका चयन गलत था। उन्होंने तर्क दिया कि कांग्रेस का मुख्य आधार स्तंभ अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अल्पसंख्यक वर्ग है। तोमर के अनुसार उन्हें इन वर्गों के बीच रुकना चाहिए था। दिग्विजय सिंह जी के इन वर्ग के यहां न रुकने से इन समाज के लोगों में एक गलत संदेश गया है। मैं नहीं मानता कि उनके इस कदम से क्षेत्र में कांग्रेस को कोई मजबूती मिलेगी। डॉ. तोमर ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के प्रति भी दिग्विजय सिंह के इस नजरिए से में सहमत नहीं हूं कि जीतू पटवारी के अध्यक्ष बनने पर भी हमें कोई फायदा नहीं मिला, क्योंकि इस वर्ग के लोग हमें वोट नहीं देते हैं, जबकि अभी जीतू पटवारी के नेतृत्व में ऐसा कोई चुनाव नहीं हुआ है कि हम कह सके कि हमें कोई फायदा नहीं हुआ, क्योंकि इन वर्ग के लोग हमें वोट नहीं दे रहे।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने किया पलटवार –
इधर दिग्विजय सिंह की इस यात्रा पर केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का यह मनरेगा बचाओ संग्राम असल में भ्रष्टाचार बचाओ संग्राम है। शिवराज ने तंज कसते हुए कहा कांग्रेस को ग्राम से परेशानी है, काम से परेशानी है और राम से भी परेशानी है। भ्रष्टाचार की संभावनाएं खत्म होने की वजह से अब कांग्रेस के पेट में दर्द हो रहा है।
इछावर बना सियासी अखाड़ा –
बीजेपी का मजबूत गढ़ कहे जाने वाले इछावर में दिग्विजय की सक्रियता ने राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है। यहां से राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा 8 बार के विधायक हैं। दिग्विजय का यहां पंचायत स्तर पर समितियां बनाना और मजदूरों के बीच जाना भाजपा के वोट बैंक में सेंधमारी की कोशिश माना जा रहा है। दरअसल केंद्र सरकार ने मनरेगा का नाम बदलकर विकसित भारत गारंटी रोजगार आजीविका मिशन “जी राम जी” करने का फैसला किया है। कांग्रेस का आरोप है कि नाम से महात्मा गांधी को हटाना राष्ट्रपिता का अपमान है, जबकि बीजेपी इसे विकास और पारदर्शिता की नई दिशा बता रही है। इस यात्रा में इछावर से पूर्व विधायक शैलेन्द्र पटेल सहित कई नेता एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ता भी साथ हैं।

दिग्विजय सिंह का हुआ स्वागत, सरकार

खेरी पहुंचने पर राज्यसभा सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का जोरदार स्वागत किया गया। इस दौरान वे पंचायत कांग्रेस कमेटी गठन कार्यक्रम में शामिल हुए। रात्रि विश्राम उन्होंने खेरी में मांगीलाल पटेल के यहां पर किया। इसके बाद वे सोमवार को ग्राम खेरी में ही मनरेगा जॉब धारकों के सम्मेलन में भी शामिल हुए। वे ब्लॉक कांग्रेस कमेटी इछावर द्वारा बारह खंबा मंदिर प्रांगण में हुई बैठक में भी शामिल हुए। इस अवसर पर वरिष्ठ नेतागण, समन्वय समिति के सदस्य गण, कांग्रेस के समस्त पदाधकारीगण, कार्यकर्तागण, युवा कांग्रेस, एनएसयूआई, महिला कांग्रेस, सेवादल, किसान कांग्रेस, समस्त प्रकोष्ठ विभाग के कार्यकर्ता, पदाधिकारी, जिला ब्लॉक मंडल सेक्टर के समस्त पदाधिकारी, कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

 

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