Newsआष्टाइछावरजावरनसरुल्लागंजबुदनीमध्य प्रदेशरेहटीसीहोर

एक साल के बाद भी नाम नहीं बदल सके भैरूंदा के जिम्मेदार और व्यापारी

- 2 अप्रैल 2023 को बदला गया था नाम, लेकिन अब तक कॉलेज, बैंकों के बोर्डों में नसरूल्लागंज ही लिखा

भैरूंदा। सीहोर जिले के भैरूंदा का नाम बदले हुए एक साल से भी अधिक समय हो गया है। इसका गजट नोटिफिकेशन भी हो चुका है, लेकिन इसके बाद भी भैरूंदा के चाहे कॉलेज हो या यहां के व्यापारी, अब तक नाम नहीं बदल सके हैं। अब भी इनके यहां लगे बोर्ड में नसरूल्लागंज ही लिखा हुआ है। यहां के बैंक भी अभी नसरूल्लागंज के नाम से ही पहचाने जा रहे हैं। दरअसल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं बुधनी विधायक शिवराज सिंह चौहान की पहल पर बाबा भैरवनाथ की नगरी का नाम नसरूल्लागंज से बदलकर भैरूंदा किया गया था। यह सौगात उन्होंने 2 अप्रैल 2023 को भैरूंदा के स्थापना दिवस के मौके पर दी थी।
सरकारी कॉलेजों में अब भी नहीं बदला बोर्ड-
2 अप्रैल 2023 को नसरूल्लागंज का नाम बदलकर भैरूंदा कर दिया गया था। सरकारी रिकार्ड में भी यह दर्ज हो गया है, लेकिन भैरूंदा के पॉलिटेक्निक कॉलेज एवं शासकीय कॉलेज अब तक यहां पर नाम परिवर्तन नहीं कर सके हैं। इसी तरह जनजातीय कार्य विभाग ने भी अब तक नाम नहीं बदला है। अब भी इनके बोर्ड पर नसरूल्लागंज ही लिखा हुआ है।
बैंकों के बोर्डों में भी नसरूल्लागंज-
भैरूंदा के सरकारी एवं निजी बैंकों के बोर्डों पर भी अब तक नसरूल्लागंज ही लिखा हुआ है। बैंकों ने भी अपने बोर्डों में अब तक नाम नहीं बदला है। इसी तरह भैरूंदा के ज्यादातर व्यापारियों ने भी अपनी दुकानोें पर लगे बोर्ड अब तक नहीं बदले हैं। ज्यादातर दुकानों के उपर लगे बोर्डों में अब भी नसरूल्लागंज ही लिखा हुआ है।
लंबे समय तक चली नाम बदलने की मांग-
नसरूल्लागंज का नाम भैरूंदा करने को लेकर नगरवासी लंबे समय से मांग कर रहे थे। कई बार इसको लेकर ज्ञापन भी सौंपे गए। इसके बाद नगरवासियों की मांग पर अमल करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा 2 अप्रैल 2023 को भैरूंदा के स्थापना दिवस के अवसर पर सौगात देते हुए नसरूल्लागंज का नाम बदलकर भैरूंदा कर दिया। इसका गजट नोटिफिकेशन भी हो गया।
नबाव शासनकाल में बदला था नाम-
यूं तो भैरूंदा का प्राचीन नाम भैरूंदा ही था, लेकिन नबाव शासनकाल में इसका नाम बदलकर नसरूल्लागंज कर दिया गया था। इसके बाद लंबे समय तक यही नाम चलता रहा और अब यह नाम बदलकर भैरूंदा किया गया है।
इनका कहना है-
शासकीय संस्थाओं के नियम होते हैं और इसके तहत ही नाम परिवर्तन किया जाता है। व्यापारियों एवं अन्य जगह भी नाम नहीं बदला गया है तो इसको लेकर भी दिखवाते हैं।
– मदन सिंह रघुवंशी, एसडीएम, भैरूंदा

नियमों के तहत एआईटीटी से एप्रूवल लेना होता है। इसके लिए एप्लाई किया हुआ है। प्रोसेस में है और जल्द ही इसका एप्रूवल मिल जाएगा। उसके बाद नाम बदल जाएगा।
– मथुरेंद्र सिंह, प्राचार्य, शासकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज, भैरूंदा

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Ko se po napornem dnevu vrnemo domov, si želimo hitro pripraviti nekaj okusnega, ne da bi zanemarili zdravje. Koristne ideje za takšne obroke je vredno podrobneje spoznati. ko ostane marmelada, Pri vlaganju mnogi uporabijo napačen kis Večina smetano stepa pretoplo buča ni le za juho: Zakaj mora biti juha vroča? skrivnost sočnejših mesnih polpetov Ko se jeseni na tržnicah pojavijo buče in hruške, je pravi čas za preproste jedi, ki pogrejejo in nasitijo. Iz njih lahko pripraviš kremno juho, sočen narastek ali sladico z manj sladkorja, brez zapletenih korakov.