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फर्जी एनजीओ चला रहे थे, पुलिस ने मास्टर माइंड को किया गिरफ्तार

इलाज के नाम पर लोगों से वसूली करना चाहते थे, लेकिन पहले ही धराए

सीहोर। जिले की गोपालपुर पुलिस ने फर्जी एनजीओ के संचालक को गिरफ्तार करके उसके मंसूबों पर पानी फेर दिया। आरोपी फर्जी एनजीओ के नाम से लोगों से इलाज के नाम पर राशि वसूलने की तैयारी में था, लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने उसको पकड़ लिया। जानकारी के अनुसार 2 सितंबर 2022 को थाना गोपालपुर पुलिस को आवेदिका मंगीता ने एक शिकायती आवेदन दिया था। इसमें कहा गया था कि एनजीओ संचालक कुंदन मालवीय द्वारा आवेदिका को बताया गया कि उनकी संस्था दर्पण सेवा संस्थान सरकार द्वारा पंजीकृत है। सरकार ने संस्था को ग्रीन हेल्थ कार्ड बनाने के लिए अधिकृत किया है और इसके लिए प्रत्येक परिवार से 100 रुपए लेना है। संस्था दर्पण सेवा संस्थान इसके बदले में नि:शुल्क इलाज कराएगी। जिन लोगों को सदस्य बनाए उनसे समग्र आईडी, आधार कार्ड तथा बैंक पास बुक की फोटो कापी लेना है। समग्र आईडी में 4 नाम बाले सदस्यों से फार्म भरवाकर 100 रुपए लेना है और अगर समग्र आईडी में परिवार के सदस्यों की संख्या 4 से अधिक है, तो प्रति व्यक्ति 30 रुपए अतिरिक्त लेना है। इसमें जिन्हें सदस्य बनाया जाएगा उनका इलाज नर्मदा अस्पताल नसरुल्लागंज में नि:शुल्क कराया जाएगा। इसके लिए आवेदिका को 10 हजार रुपए महीना वेतन देने की बात भी कही गई। आवेदिका ने शिकायती आवेदन में यह भी बताया कि कुंदन मालवीय द्वारा बताया गया कि उन्होंने जिला कलेक्टर से अनुमति प्राप्त की है। इसके बाद जब आवेदिका ने नर्मदा अस्पताल नसरुल्लागंज में जाकर देखा तो वह अस्पताल अभी प्रारंभ नहीं हुआ। इस पर शंका हुई कि कुंदन मालवीय द्वारा ग्रामीणों के साथ धोखाधड़ी की जाएगी। आवेदिका ने बताया कि कुंदन मालवीय द्वारा दिए गए पंपलेट, फार्म व कार्ड पुलिस को दिए। जिस पर गोपालपुर पुलिस द्वारा आवेदन की जांच की गई। संपूर्ण जांच पर दर्पण सेवा संस्था एनजीओ का किसी प्रकार का कोई रजिस्ट्रेशन नहीं होना पाया। जिस पर आरोपी कुंदन मालवीय उम्र 32 वर्ष, निवासी अवंतिपुर बड़ोदिया के विरुद्ध धारा 420, 467, 468, 471 भादवि का अपराध पंजीबद्ध कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी गोपालपुर आरके व्यास, एसआई मनोहर सिंह ठाकुर सहित विजय कुमार, विजेन्द्र सिंह, विशाल सिंह तोमर, विकास नागर, सचिन सिंह, संजय काजले, संजय राजपुत का सराहनीय योगदान रहा।

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