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किसानों की बोवनी का समय: डीजल की किल्लत, खाद के लिए मशक्कत

- कांग्रेस ने ज्ञापन सौंपकर की किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद देने की अपील

सीहोर। इस समय अन्नदाताओं के लिए खेती-किसानी का समय है। मानसून की दस्तक के साथ ही किसान अपने खेतों में मूंग की फसल काटकर आगामी फसलों की तैयारियों में जुटे हुए हैं तो वहीं उन्हें डीजल की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। इतना ही नहीं किसानों को खाद के लिए भी मशक्कत करनी पड़ रही है। कई किसानों को अब तक गेहूं का पैसा भी नहीं मिला है तो वहीं मूूंग के पंजीयन में भी परेशानियां आ रही हैं। किसानों को पर्याप्त डीजल एवं खाद की आपूर्ति को लेकर कलेक्टर बालागुरू के. ने टीएल बैठक में निर्देश भी दिए हैं, लेकिन उनके निर्देश भी बेअसर है। इधर किसानों की समस्याओं को लेकर सीहोर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजीव गुजराती ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर पर्याप्त मात्रा में डीजल सहित खाद की आपूर्ति की मांग की है।
जिलेभर में किसान आगामी की फसलों की तैयारियों में जुटे हुए हैं, लेकिन उन्हें अभी से खाद, डीजल सहित अपनी फसलों को बेचने की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। खेतों को तैयार करने के लिए वे दिन-रात जुटे हुए हैं, लेकिन उन्हें पर्याप्त मात्रा में डीजल की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। पेट्रोल पंपों पर उन्हें पर्याप्त मात्रा में डीजल ही उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। ऐसे में वे परेशान है।
ये बोले पेट्रोल पंप संचालक-
पेट्रोल पंप संचालक नीतेश साहू ने बताया कि ग्रामीणों क्षेत्रों में डीजल की खपत ज्यादा होती है। इस समय किसानों के खेतों में मूंग की फसल कट रही है तो वहीं किसान अपनी आगामी फसल के लिए खेतों को बनाने में जुटे हुए हैं। ऐसे समय में भी डीजल की आपूर्ति पर्याप्त मात्रा में नहीं हो पा रही है। हम लगातार डिपो को डिमांड भेज रहे हैं, लेकिन डिमांड से कम मात्रा में ही डीजल की सप्लाई हो पा रही है। पेट्रोल पंप संचालक पवन माहेश्वरी का कहना है कि डिपो से डीजल-पेट्रोल की आपूर्ति तो हो रही है, लेकिन डिमांड के अनुसार नहीं हो पा रही है। ऐसे में किसानों को पर्याप्त मात्रा में डीजल की उपलब्धता नहीं हो पा रही है।
खाद की ई-टोकन व्यवस्था से किसान बेहाल, कांग्रेस ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, व्यवस्था सुधारने की मांग
सीहोर जिले में खाद वितरण के लिए लागू की गई ई-टोकन व्यवस्था किसानों के लिए बड़ी मुसीबत बन गई है। इस समस्या को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कड़ा रुख अपनाया है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजीव गुजराती और पूर्व विधायक शैलेंद्र पटेल के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में किसानों को आ रही व्यावहारिक दिक्कतों से अवगत कराया गया और इस लचर व्यवस्था को तुरंत सुधारने की मांग की गई। कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन में कांग्रेस नेताओं ने बताया कि खाद का टोकन पाने के लिए किसानों को पहले ऑनलाइन कियोस्क सेंटरों पर घंटों लाइनों में लगना पड़ता है। कई बार सर्वर डाउन होने के कारण मोबाइल पर ओटीपी ही नहीं आता, जिससे किसान दिनभर परेशान होते हैं। इसके अलावा ऑनलाइन टोकन लेने में हर बार 50 रुपए का खर्च आता है। सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि यह चालान सिर्फ 3 दिन के लिए ही मान्य रहता है। यदि इन 3 दिनों में किसान को खाद नहीं मिली तो चालान एक्सपायर हो जाता है। इसके बाद किसान को दोबारा लाइन में लगकर फिर से 50 रुपये देकर नया आवेदन करना पड़ता है।
वितरण केंद्रों पर अव्यवस्था, कर्मचारी नदारद-
नेताओं ने आरोप लगाया कि ऑनलाइन टोकन मिलने के बाद भी मुसीबत कम नहीं होती। जब किसान खाद वितरण केंद्र पहुंचता है तो वहां भारी अव्यवस्था देखने को मिलती है। केंद्र पर कर्मचारी समय पर नहीं आते, जिससे टोकन होने के बावजूद किसानों को दो से तीन दिन तक खाद के लिए भटकना पड़ता है।
बोवनी सिर पर, खाद का संकट गहराया-
जिलेभर के किसान मानसून आने से पहले खरीफ की बोवनी के लिए खेतों को तैयार करने में जुटे हैं। पहली बारिश होते ही खेतों में सोयाबीन और मक्का की बोवनी शुरू हो जाएगी, जिसके लिए खाद की सख्त जरूरत है। लेकिन वर्तमान व्यवस्था के चलते किसानों को समय पर खाद नहीं मिल पा रही है। कांग्रेस ने मांग की है कि किसानों की इस गंभीर परेशानी को देखते हुए टोकन व्यवस्था को सरल किया जाए और केंद्रों पर खाद की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। इस अवसर पर घनश्याम मीणा, केके रिछारिया, तनिष्क त्यागी, अनुभव सेन सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और किसान उपस्थित रहे।

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