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सलकनपुर में हुई घट स्थापना, 9 दिनों तक होगी मां की आराधना, पहले दिन बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालु

- नवरात्रि के दौरान लाखों की संख्या में पहुंचेंगे भक्त, प्रशासन ने की चाक-चौबंद व्यवस्थाएं

सीहोर। चैत्र नवरात्रि के पहले दिन जिले के प्रसिद्ध तीर्थ मां विजयासन धाम सलकनपुर में सुबह के समय विधि-विधान से घटस्थापना की गई। मंदिर के प्रमुख महंत पंडित प्रभुदयाल शर्मा सहित ब्राह्म्णों की उपस्थिति में घटस्थापना के साथ पूजा-पाठ हुआ। अब नौ दिनों तक यहां पर मां का विशेष श्रंृगार भी किया जाएगा। नवरात्रि के अवसर पर मंदिर में विशेष साज-सज्जा भी की गई है। चारों तरफ लाइटिंग की गई है। नवरात्रि के पहले दिन रविवार का अवकाश होने से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर मां विजयासन के दर्शन किए। अब नौ दिनों में यहां पर लाखों की संख्या में श्रद्धालु-भक्त आएंगे। इसके लिए जिला एवं पुलिस प्रशासन ने भी व्यवस्थाएं चाक-चौबंद की है। जगह-जगह पुलिस टीम लगाई गई है तो वहीं श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए यहां पर हेल्थ कैंप, पानी की व्यवस्थाएं सहित अन्य सुविधाएं की गई हैं। इधर प्रशासन द्वारा लगाई गईं टैक्सियों की मनमानी नहीं थम रही है। वे श्रद्धालुओं से मनमाना किराया वसूल रहे हैं।
चैत्र नवरात्रि पर विजयासन देवी के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का सलकनपुर आगमन होता है। श्रद्धालुओं को पूजा-अर्चना एवं दर्शन में किसी तरह की कोई परेशानी न हो, इसके लिए कलेक्टर बालागुरू के. के निर्देशानुसार प्रशासन द्वारा सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पर्याप्त पार्किंग, पेयजल, साफ-सफाई तथा पर्याप्त बिजली की व्यवस्था की गई है। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के सुगम आगमन एवं निर्गमन के लिए पर्याप्त संख्या में पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। इसके साथ ही मेला स्थल पर दुकानों को व्यवस्थित ढंग से लगाया गया है, जिससे किसी प्रकार की असुविधा न हो। ट्रेफिक नियंत्रण के लिए भी पर्याप्त संख्या में पुलिस एवं जिला प्रशासन के अधिकारियों-कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है।
महत्वपूर्ण स्थानों पर लगाए गए हैं हेल्थ कैंप
मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के लिए हेल्थ कैंप लगाए गए हैं, जिससे श्रद्धालुओं को चिकित्सा की आवश्यकता पड़ने पर तत्काल रूप से मेडिकल सहायता प्रदान की जा रही है। इसके साथ ही इमरजेंसी सेवाओं के लिए महत्वपूर्ण स्थानों पर एम्बुलेंस की व्यवस्था भी की गई है। सलकनपुर मंदिर के लिए बाहर से आने वाली बसों की पार्किंग के लिए अस्थाई बस स्टैण्ड बनाया गया है, ताकि सड़क मार्ग पर बसों से होने वाले ट्रैफिक को व्यवस्थित एवं नियंत्रित किया जा सके। इसके साथ ही मंदिर परिसर में कन्ट्रोल रूम भी बनाए गए हैं, जिससे ड्यूटी के दौरान सभी अधिकारी-कर्मचारी सतत संपर्क में हैं।
निजी वाहन प्रतिबंधित, टैक्सियों की मनमानी, वसूल रहे ज्यादा किराया-
सलकनपुर में चल रहे देवीलोक के निर्माण कार्य एवं यातायात को दृष्टिगत रखते हुए नवरात्रि पर्व के दौरान निजी वाहनों के मंदिर परिसर तक जाने पर प्रतिबंध लगाया गया है। श्रद्धालुओं की सुविधा को दृष्टिगत रखते हुए समिति द्वारा अधिकृत टैक्सी वाहन चलाए गए हैं, जिससे श्रद्धालु मंदिर तक आ-जा रहे हैं, लेकिन सलकनपुर में नीचे से उपर तक श्रद्धालुओं को लाने-ले-जाने वाली टैक्सियों की मनमानी नहीं थम रही है। ये टैक्सियां श्रद्धालुओं से मनमाना किराया वसूल रही है, जबकि प्रशासन द्वारा प्रत्येक सवारी आना-जाना 70 रूपए तय किया गया है, लेकिन टैक्सी संचालक 100 रूपए प्रति सवारी तक का किराया वसूल रहे हैं। नहीं देने पर श्रद्धालुओं को परेशान भी कर रहे हैं। श्रद्धालुओं को दो-दो-तीन-तीन घंटे तक इंतजार करवा रहे हैं। सलकनपुर में नीचे से उपर तक आने-जाने के लिए नवरात्रि के दौरान प्रशासन ने निजी वाहनों पर रोक लगा दी है। इसके लिए यहां पर टैक्सियां लगाई गईं हैं। ये सभी टैक्सियां निजी कोटे की हैं। श्रद्धालुओं को लाने ले जाने के लिए 60 गाड़ियां यहां पर चलाई जा रही हैं, लेकिन इनमें से कई गाड़ी संचालक मनमानी कर रहे हैं। इसका उदाहरण भी अमावस्या पर सामने आया। अमावस्या पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु-भक्त आंवलीघाट पर स्नान करने के बाद मां विजयासन के दर्शन करने के लिए सलकनपुर पहुंचे। ये लोग अपने वाहनों से आए, लेकिन उपर जाने के लिए इन्होंने टैक्सियां की। इनमें से कई टैक्सियों ने 100 रूपए प्रति सवारी की पर्चियां काटीं, जबकि प्रशासन द्वारा 70 रूपए का किराया तय किया गया है।
परेशान होते रहे श्रद्धालु-भक्त-
टैक्सियों की मनमानी के कारण कई श्रद्धालु-भक्त परेशान भी हुए। दरअसल जिन लोगों ने 70 रूपए किराया दिया उन्हें टैक्सियां उपर तो ले गईं, लेकिन नीचे आने के लिए उन्हें कई घंटों तक इंतजार करना पड़ा। विदिशा से आए शर्मा परिवार को तीन घंटे तक उपर ही इंतजार करना पड़ा। कई लोग तो पैदल ही चल दिए। टैक्सियां 100 रूपए प्रति सवारी वसूलती रही, जिन्होंने इतने पैसे दिए उन्हें तो नीचे लेकर आए, लेकिन जिन्होंने कम पैसे दिए उन्हें परेशान होना पड़ा।
इनका कहना है-
नवरात्रि के लिए प्रशासन द्वारा टैक्सियों की व्यवस्था बनाई गई है। ये टैक्सियां ही श्रद्धालुओं को लाने ले जाने का कार्य करेगी। इसके लिए इनका रेट भी तय किया गया है। यदि कोई टैक्सी संचालक ज्यादा किराया वसूलेगा तो उस पर कार्रवाई भी की जाएगी। नवरात्रि के दौरान तय किराए पर ही चलाया जाएगा। सभी को सख्त निर्देश दिए गए हैं।
– राजेश कहारे, थाना प्रभारी, रेहटी

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