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महामहिम राज्यपाल मंगूभाई पटेल पहुंचेंगे झोलियापुर, धरती आबा अभियान में होंगे शामिल

सीहोर। राज्यपाल मंगूभाई पटेल 17 जून को सुबह 9.15 बजे भोपाल से प्रस्थान कर 10.30 बजे रेहटी तहसील के ग्राम झोलियापुर पहुंचेंगे। यहां वे धरती आबा अभियान में शिरकत करेंगे। महामहिम के दौरे को लेकर तैयारियां की गईं हैं। राज्यपाल मंगूभाई पटेल सुबह 11 बजे ग्राम झोलियापुर में आयोजित स्थानीय कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसके पश्चात वे दोपहर 12 बजे भोपाल के लिए प्रस्थान करेंगे। प्रस्तावित दौरे को लेकर कलेक्टर बालागुरू के, एसपी दीपक कुुमार शुक्ला, एसडीएम बुधनी डीएस तोमर, एसडीओपी बुधनी रवि शर्मा, तहसीलदार रेहटी भूपेंद्र कैलासिया सहित अन्य अधिकारियों ने झोलियापुर पहुंचकर तैयारियों का जायला लिया था। कार्यक्रम को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। गौरतलब है कि इससे पहले भी राज्यपाल मंगूभाई पटेल आदिवासी गांव आमडो पहुंचे थे। अब वे आमडो के करीबी गांव झोलियापुर पहुंच रहे हैं।
धरती आबा अभियान: लगाए 4 जनपदों के 32 ग्रामों में शिविर-
कलेक्टर बालागुरु के. के निर्देशानुसार जनजातीय आबादी के लिए समान अवसरों का सृजन, सामाजिक-आर्थिक स्तर का विकास, बुनियादी ढांचे में सुधार और स्वास्थ्य, शिक्षा एवं आजीविका के क्षेत्र में ठोस प्रगति के उद्देश्य से जिले में संचालित किए जा रहे धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत सीहोर जिले के चिन्हित 80 गांवों में 15 जून से 30 जून तक दिनांकवार शिविर लगना प्रारंभ हो गए हैं। इन शिविरों के माध्यम से चिन्हित गांवों में जनजातीय परिवारों के सदस्यों को सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं एवं सेवाओं से लाभान्वित किया जा रहा है। अभियान के दूसरे दिन भैरूंदा जनपद के 28, इछावर के 2, सीहोर के 1 और आष्टा के 1 ग्रामों में शिविर लगाकर 333 हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं एवं सेवाओं से लाभान्वित किया गया। अनेक शिविरों में हितग्राहियों का फूल माला पहनाकर स्वागत किया गया। धरती आबा अभियान के तहत शिविरों में हितग्राहियों का आयुष्मान भारत योजना, केसीसी योजना, पीएम जीवन ज्योति बीमा योजना, लाड़ली लक्ष्मी योजना, मातृवंदना योजना, बाल आर्शीवाद योजना, तेंदूपत्ता संग्रहण एवं बोनस योजना, एकलव्य योजना, दिव्यांग पेंशन प्रोत्साहन योजना, कल्याणी पेंशन योजना, पीएम किसान सम्मान निधि, विश्वकर्मा योजना, पीएम सूर्यघर योजना, घरेलू कनेक्शन सब्सीडी योजना, पांच रूपए में नवीन विद्युत कनेक्शन योजना, पीएम आवास योजना सहित अनेक योजनाओं के लिए पंजीयन किया गया। पात्रतानुसार सभी पात्र हितग्राहियों को इन योजनाओं से लाभान्वित किया जाएगा। इसके साथ ही अभियान के तहत सभी पात्र हितग्राहियों का आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, समग्र आईडी, ई-केवायसी, जाति प्रमाण पत्र, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, प्रोफाइल पंजीयन एवं बैंक खाता खोलना सहित अनेक सेवाओं के लिए पंजीयन भी किया गया।
कलेक्टर ने की लाभ लेने की अपील-
कलेक्टर बालागुरू के ने 15 से 30 जून तक चलाए जाने वाले धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत चिन्हित किए गए सीहोर जिले के 80 गांवों के जनजातीय समुदाय के नागरिकों से अभियान के तहत दिनांकवार लगने वाले शिविरों में उपस्थित होने और योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ लेने की अपील की है। उन्होंने अपील की है कि सभी पात्र हितग्राही शिविरों में उपस्थित हों और पात्रतानुसार शासन की योजनाओं और सेवाओं का लाभ लें, ताकि जनजातीय बाहुल्य क्षेत्रों का भी निरंतर विकास हो सके और कोई भी पात्र हितग्राही योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। धरती आबा अभियान के तहत 17 जून को भैरूंदा जनपद के ग्राम इटावा खुर्द, पिपलानी, घुटवानी, हमीदगंज, बोरखेडा खुर्द, मंजीखेडी, बसंतपुर पांगरी, छापरी, कुरी नयापुरा, रफीकगंज, कोसमी, सिंहपुर, नवलगाँव, मोगराखेडा, भिलाई, मरियाडो, पलासी कला, गिल्लोर, सेवनिया, पाटतलाई, अमीरगंज, लावापनी, कोठरा पिपलिया, आमडो, खजुरी, ढाबा, नरेला एवं चिचलाह खुर्द में शिविर आयोजित किए जाएंगे। इसी प्रकार बुधनी जनपद के ग्राम झोलियापुर, आष्टा जनपद के ग्राम श्यामपुर मगरदा और इछावर जनपद के ग्राम बोरपानी डूण्डालावा और जामली में घ्शिविरों का आयोजन किया जाएगा।
क्या है धरती आबा अभियान?
धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा जनजातीय समुदायों को सशक्त बनाने के लिए संचालित किया जा रहा एक उच्च प्राथमिकता वाला अभियान है। यह अभियान 15 जून से 30 जून 2025 तक संचालित किया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य लक्षित हस्तक्षेपों के माध्यम से देशभर के जनजातीय क्षेत्रों में सेवाओं और बुनियादी ढांचे को संतृप्त करना है। इस अभियान के तहत यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि जनजातीय क्षेत्रों में निवास करने वाले नागरिकों की पात्रतानुसार सभी शासकीय योजनाओं एवं सेवाओं तक पहुंच हो सके। इस अभियान के तहत सीहोर जिले के 80 जनजातीय बाहुल्य गांवों का चयन किया गया है, जिनमें 15 जून से 30 जून तक शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इस अभियान के तहत सीहोर जिले के 80 जनजातीय बाहुल्य ग्रामों के 15, 736 परिवार लाभान्वित होंगे।

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