अवैध खनिज परिवहन पर ‘ई.चेक गेट’ का पहरा, सीधे निरस्त होगा रजिस्ट्रेशन

सीहोर। जिले में खनिजों के अवैध परिवहन और चोरी को रोकने के लिए खनिज विभाग ने एक ऐसी ‘मानवरहित’ (बिना इंसान वाली) प्रणाली लागू कर दी है, जिससे बच निकलना अब नामुमकिन होगा। प्रदेश भर में शुरू किए गए 40 ई.चेक गेटों में से दो महत्वपूर्ण गेट सीहोर जिले की भैरूंदा तहसील के गोपालपुर और बुधनी के गडरियानाला में शुरू हो गए हैं। इन गेटों की खासियत यह है कि यहां कोई कर्मचारी तैनात नहीं होगा, बल्कि आधुनिक मशीनें खुद ही हर ट्रक और डंपर की कुंडली खंगाल लेंगी।
जिला खनिज अधिकारी धर्मेंद्र चौहान ने बताया कि यह पूरी तरह से ऑटोमेटिक सिस्टम है। खनिज परिवहन में लगे हर वाहन की विंडशील्ड सामने के कांच पर रेडियो फ्रीक्वेंसी आईडेंटिफिकेशन टैग लगाना अनिवार्य होगा। जैसे ही कोई वाहन ई.चेक गेट से गुजरेगा, वहां लगे सेंसर और कैमरे वाहन का नंबर, उसमें लदे खनिज की मात्रा और उसके वजन का मिलान ई.ट्रांजिट पास से खुद ब खुद कर लेंगे।
इन गड़बडिय़ों पर होगी तुरंत कार्रवाई
अगर ई.पास में दर्ज जानकारी और वास्तविक वजन या खनिज में थोड़ा भी अंतर पाया गया तो सिस्टम तुरंत उसे पकड़ लेगा। इससे ओवरलोडिंग, नंबर प्लेट छिपाकर निकलने वाले माफिया और फर्जी रॉयल्टी के खेल पर लगाम लगेगी।
वैरिफोकल कैमरे: ये कैमरे दूर से ही वाहन की स्पष्ट तस्वीर लेंगे।
ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रीडर: यह बिना रुके गाड़ी का नंबर नोट कर लेगा।
आरएफआईडी रीडर: यह वाहन की पूरी जानकारी सिस्टम में दर्ज कर देगा।
पंजीयन होगा निरस्त, पकड़े जाने पर भारी दंड
नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन मालिकों के खिलाफ अब ऑनलाइन ही चालानी कार्रवाई की जाएगी। यदि कोई वाहन बार-बार नियमों को तोड़ता पाया गयाए तो उसका पंजीयन रजिस्ट्रेशन निरस्त या निलंबित कर दिया जाएगा। इतना ही नहीं ई.चेक गेट से मिले आंकड़ों के आधार पर गड़बड़ी मिलने पर वाहन को जब्त करने के निर्देश भी दिए जाएंगे।
इन क्षेत्रों में भी लगेंगे नए गेट
वर्तमान में जिले में दो ई.चेक गेट काम कर रहे हैं, लेकिन जल्द ही प्रशासन इसका विस्तार करने जा रहा है। आने वाले समय में बिलकिसगंज, आष्टा, श्यामपुर और झागरिया में भी ये हाईटेक ई.चेक गेट स्थापित किए जाएंगेए जिससे जिले की सीमाओं से होने वाले खनिज परिवहन की शत प्रतिशत निगरानी सुनिश्चित हो सकेगी।

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