Newsआष्टाइछावरजावरनसरुल्लागंजबुदनीमध्य प्रदेशरेहटीसीहोर

अंतर्राष्ट्रीय साइबर ठगी नेटवर्क का पर्दाफाश, 5 आरोपी गिरफ्तार, चीनी कनेक्शन आया सामने, क्रिप्टोकरेंसी के जरिए होती थी डील

सीहोर। पुलिस ने ऑनलाइन साइबर फ्रॉड के एक ऐसे अंतरराष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश किया है जिसके तार इंदौर से होते हुए चीन तक जुड़े हैं। सीहोर निवासी एक महिला से हुई साइबर ठगी के मामले की जांच करते हुए कोतवाली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर गिरोह के 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरोह भारत में लोगों से ठगे गए रुपयों को क्रिप्टोकरेंसी में बदलकर टेलीग्राम ग्रुप के जरिए मैटी नाम के एक चीनी नागरिक को भेजता था।
मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का है, जहां कंचन तोमर की शिकायत पर साइबर फ्रॉड का मामला दर्ज किया गया था। पुलिस अधीक्षक सोनाक्षी सक्सेना के निर्देशन, एएसपी डॉ. प्रशांत चौबे और सीएसपी डॉ. अभिनंदना शर्मा के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी रविन्द्र यादव के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई।
तकनीकी जांच और एनसीआरपी पोर्टल से प्राप्त मनी ट्रेल के विश्लेषण में सामने आया कि पीडि़ता के खाते से ठगी गई राशि 9 और 10 अप्रैल को विभिन्न एटीएम से निकाली गई थी। पुलिस ने मुखबिर और साइबर सेल की मदद से इंदौर के बाणगंगा निवासी गोपाल सेन और परदेशीपुरा निवासी सुमित कोष्ठी को गिरफ्तार कर कोर्ट से रिमांड पर लिया।
5 प्रतिशत और 10 प्रशित कमीशन का खेल
पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे एटीएम से निकाली गई रकम बाणगंगा निवासी आर्यन अम्बेडकर को सौंपते थे, जिसके बदले उन्हें 5 प्रतिशत कमीशन मिलता था। पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण के आधार पर आर्यन अम्बेडकर और उसके साथी ऋतेश प्रजापत को गिरफ्तार किया।
आर्यन ने पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि वह ठगी के पैसों से क्रिप्टोकरेंसी खरीदता था और टेलीग्राम ग्रुप के माध्यम से मैटी नामक एक चीनी नागरिक को ट्रांसफर करता था, जिसके बदले उसे 10 प्रतिशत कमीशन मिलता था। आर्यन से मिली कड़ी के आधार पर पुलिस ने इंदौर के हीरानगर से अनुराग पटेल को हिरासत में लिया। अनुराग ने भी स्वीकार किया कि वह और उसका साथी शिवेंद्र सिंह राजपूत इसी तरह चीनी नागरिक को क्रिप्टोकरेंसी भेजते थे।
5 आरोपी गिरफ्तार, 1 फरार
प्रकरण में अब तक गोपाल सेन, सुमित कोष्ठी, आर्यन अम्बेडकर, ऋतेश प्रजापत और अनुराग पटेल को गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं फरार आरोपी शिवेंद्र सिंह राजपूत की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। पुलिस अब इस अंतर्राष्ट्रीय साइबर गिरोह के अन्य संपर्कों और वित्तीय लेनदेन की गहनता से जांच कर रही है। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी रविन्द्र यादव, उप निरीक्षक विक्रम आदर्श, विवेक आर्य, आरक्षक कपिल मेवाड़ा, विवेक प्रताप सिंह, हमीर सिंह और सूरज राजपूत की मुख्य भूमिका रही।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button