भैरूंदा सिविल अस्पताल पहुंची जांच टीम, तहसील का भी हुआ औचक निरीक्षण
सिविल अस्पताल एवं तहसील कार्यालय में दिनभर रही गहमागहमी

भैरूंदा। सीहोर जिले के भैरूंदा स्थित सिविल अस्पताल में महिला चिकित्सक डॉक्टर रुक्मणी गुलहारिया द्वारा स्वाती विश्वकर्मा और उसके पति शुभम विश्वकर्मा निवासी ग्राम बिजला के साथ की गई अभद्रता मामले में सीहोर से तीन सदस्यीय डॉक्टरों की टीम जांच करने के लिए भैरूंदा पहुंची। यहां पर टीम ने डॉक्टर रुक्मणि गुलहारिया एवं पीड़िता और उसके पति से भी बातचीत की। करीब 2 घंटे तक जांच टीम ने बंद कमरे में पूछताछ की है। बताया जा रहा है कि पीड़िता स्वाती और उसके पति शुभम ने जो आरोप शिकायती पत्र में लगाए थे, वही बयान यहां भी दर्ज कराए हैं। पीड़िता स्वाती विश्वकर्मा और उसके पति चाहते हैं कि डॉक्टर रुक्मणी गुलहारिया पर सख्त से सख्त कार्रवाई हो, ताकि ऐसी घटना की पुनरावृत्ति भविष्य में ना हो। डॉक्टर रुक्मणि गुलहारिया पहले भी कई बार मरीजों के साथ बदसलूकी कर चुकी हैं। बताया जा रहा है कि डॉक्टर रुक्मणि गुलहारिया प्रदेश के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी की पत्नी की करीबी हैं और उन्हीं के प्रभाव में वे यहां पर भी हिटलरशाही चला रही हैं। हालांकि अब डॉ प्रभुराम चौधरी मंत्री नहीं हैं। डॉक्टर रुक्मणि गुलहारिया ने नोटिस का जवाब भी बीएमओ डॉ मनीष सारस्वत को दे दिया है।
ये था मामला –
जानकारी के अनुसार स्वाती विश्वकर्मा पत्नी शुभम विश्वकर्मा निवासी ग्राम बिजला तहसील भैरूंदा जिला सीहोर 7 माह की गर्भवती है। उसका इलाज सिविल अस्पताल भैरूंदा में चल रहा है। इसके लिए वह यहां पर महिला डॉक्टर रूकमणि गुलहारिया को दिखाने के लिए आती हैं। इसी सिलसिले में गत दिवस भी स्वाती विश्वकर्मा अपने पति शुभम विश्वकर्मा के साथ सिविल अस्पताल पहुंची थी। इसी दौरान सोनोग्राफी के बाद स्वाती विश्वकर्मा अपनी पानी की बॉटल अंदर भूलकर आ गई और तभी वहां बैठी एक अन्य महिला से स्वाती की बॉटल का पानी नीचे फर्श पर गिर गया। इसके बाद तो महिला डॉक्टर रूकमणि गुलहारिया ने अपनी हिटलरशाही दिखानी शुरू कर दी और स्वाती विश्वकर्मा के साथ जमकर अभद्रता करते हुए उसे एवं उसके पति शुभम विश्वकर्मा को भी धमकी दे डाली कि डिलेवरी कराने आना, तब देख लूंगी। इस मामले में शुभम विश्वकर्मा ने भैरूंदा थाने सहित कलेक्टर, सीएमएचओ एवं सीएम हेल्पलाइन पर भी शिकायत दर्ज कराई थी। इस मामले में कलेक्टर के निर्देश के बाद सीएमएचओ द्वारा जांच दल बनाकर भेजा गया था। जांच दल द्वारा अब रिपोर्ट सीएमएचओ को सौंपी जाएगी।
भैरूंदा तहसील पहुंचे अधिकारी, किया औचक निरीक्षण
इधर सीहोर जिले की तहसीलों के चल रहे औचक निरीक्षण की कड़ी में भैरूंदा तहसील का भी औचक निरीक्षण किया गया। एडीएम वृंदावन सिंह सहित अन्य अधिकारियों ने भैरूंदा पहुंचकर रिकॉर्ड की जांच की है। इस दौरान आमजनों से भी बातचीत की गई है। निरीक्षण के दौरान तहसील में सीमांकन, बंटवारा, राजस्व प्रकरणों सहित अन्य दस्तावेजों की जांच की गई है। इस दौरान कई प्रकरणों में देरी भी सामने आई है। हालांकि वरिष्ठ अधिकारियों ने तहसीलदार, नायब तहसीलदार सहित अन्य अमले को प्रकरणों के निपटारे समय-सीमा में करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारी काफी हद तक यहां के कामकाज से संतुष्ट नजर आए। निरीक्षण के दौरान भैरूंदा एसडीएम मदन सिंह रघुवंशी भी मौजूद रहे।