विडंबना: तीन मासूमों की मौत पर भी नहीं पसीजा दिल, अब तक पीडि़त परिवारों के बीच नहीं पहुंचे जनप्रतिनिधि
राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा के विधानसभा क्षेत्र में बड़ा हादसा, कांग्रेस नेता शैलेंद्र पटेल सहित अन्य स्थानीय राजनेताओं ने भी साधी दूरी
सीहोर। इछावर में दो दिन पहले हुए दर्दनाक हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है, लेकिन राजनीति के गलियारों में अब तक अजीब सी बेरुखी और सन्नाटा पसरा हुआ है। निजी स्वार्थ, निर्माण कार्यों और बिना सुरक्षा इंतजामों के खोदे गए गड्ढे मासूम बच्चों के लिए मौत का कारण बन रहे हैं। बुधवार को इछावर के वार्ड क्रमांक 12 में मोगरा रोड पर निजी खेत में खोदे गए मुरम के गड्ढे में डूबने से तीन मासूमों की मौत हो गई, लेकिन सबसे बड़ी विडंबना यह है कि इस गंभीर और संवेदनशील दुखद घटना के कई घंटे बीत जाने के बाद भी क्षेत्र का कोई बड़ा जनप्रतिनिधि पीडि़त परिवारों से संवेदना जताने नहीं पहुंचा है।
इस दुखद घटना ने क्षेत्र के राजनेताओं और जनप्रतिनिधियों की संवेदनहीनता को उजागर कर दिया है। प्रदेश सरकार में कैबिनेट राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा खुद इछावर से विधायक हैं। उनके अपने ही विधानसभा क्षेत्र में दो सगे भाइयों सहित तीन मासूमों की जान चली गई, लेकिन वे या उनका कोई प्रमुख प्रतिनिधि अब तक शोकाकुल परिवारों को ढांढस बंधाने नहीं पहुंचा। केवल सत्ता पक्ष ही नहीं, बल्कि विपक्ष के बड़े नेता और पूर्व विधायक शैलेंद्र पटेल ने भी इस दुखद घड़ी में पीडि़त परिवारों से दूरी बना रखी है।
ऐसे हुआ दर्दनाक हादसा
बुधवार को इछावर के मोगरा रोड स्थित वार्ड नंबर 12 के पास एक निजी खेत में यह हादसा हुआ। बताया जा रहा है प्रशांत, उसका छोटा भाई पृथ्वीराज और उनका दोस्त दीक्षांत अपने स्कूल गए थे। तीनों बच्चे स्कूल परिसर में अपने बैग रखकर बाहर खेलने निकले थे। खेलते-खेलते तीनों बच्चे खेत में खोदे गए पानी से लबालब गड्ढे के पास पहुंच गए। नहाने के इरादे से जैसे ही एक बच्चा उतराए वह गहराई में डूबने लगा। उसे बचाने के चक्कर में एक-एक कर तीनों मासूम गड्ढे में समा गए। मृतक प्रशांत और पृथ्वीराज, सुभाष के बेटे थे, जबकि दीक्षांत, अखिलेश का इकलौता सहारा था। एक ही झटके में दो परिवारों की दुनिया उजड़ गई।



