
सीहोर। जिला मुख्यालय के समीप स्थित कुबेरेश्वरधाम पर इन दिनों आस्था का अनूठा सैलाब देखने को मिल रहा है। वट पूर्णिमा के पावन अवसर पर देश भर से आए हजारों श्रद्धालुओं ने धाम पर पहुंचकर विशेष पूजा-अर्चना की। मंदिर परिसर में स्थित भव्य मुरली मनोहर मंदिर में विराजमान भगवान शिव-माता पार्वती, प्रभु श्रीराम-माता सीता और श्रीकृष्ण-राधा के दर्शन के लिए सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं। शाम की महाआरती के बाद कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा खुद श्रद्धालुओं के बीच पहुंचे, जहां विठलेश सेवा समिति के पंडित विनय मिश्रा और पंडित समीर शुक्ला सहित अन्य पदाधिकारियों ने उनका स्वागत किया।
भक्तों को संबोधित करते हुए अंतर्राष्ट्रीय कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि भगवान शिव करुणा, विश्वास और अटूट आस्था के केंद्र हैं, जो भक्त सच्चे मन से उनका स्मरण करता है, उस पर महादेव की कृपा सदैव बनी रहती है। उन्होंने कहा शिव को भोलेनाथ इसलिए कहा जाता है क्योंकि वे अपने भक्तों की निष्कपट भक्ति से शीघ्र प्रसन्न हो जाते हैं। उन्हें कोई बाहरी आडंबर नहीं, बल्कि श्रद्धा, विश्वास और निर्मल मन प्रिय है। एक लोटा जल, कुछ बेलपत्र और सच्चे मन से किया गया स्मरण भी महादेव को प्रसन्न करने के लिए पर्याप्त है।
मानसिक तनाव का एकमात्र समाधान शिव भक्ति
आज के दौर की विसंगतियों पर प्रकाश डालते हुए पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि आधुनिक मनुष्य भौतिक सुख सुविधाओं के बीच भी मानसिक तनाव और अस्थिरता से जूझ रहा है। ऐसे समय में भगवान शिव की भक्ति व्यक्ति को धैर्य, संयम और आत्मबल प्रदान करती है। शिव की आराधना केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने का माध्यम है। उन्होंने समुद्र मंथन का उदाहरण देते हुए कहा कि शिव ने विष ग्रहण कर संसार की रक्षा की थी, जो हमें सिखाता है कि समाज और मानवता के हित में त्याग व सेवा का भाव रखना ही सच्ची शिव भक्ति है। उन्होंने सभी से शिवलिंग पर जलाभिषेक करने के साथ-साथ जरूरतमंदों की सेवा करने का भी आह्वान किया।
प्रतिदिन 25 हजार से अधिक श्रद्धालु ले रहे भोजन प्रसादी
विठलेश सेवा समिति के मीडिया प्रभारी मनोज दीक्षित ने जानकारी दी कि धाम पर आने वाले श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का विशेष पूजन अभिषेक कर विश्व कल्याण की कामना की, जिससे पूरा परिसर हर हर महादेव के जयघोष से गुंजायमान हो उठा। उन्होंने बताया कि कुबेरेश्वरधाम पर प्रतिदिन 25 हजार से अधिक श्रद्धालुओं के लिए नि:शुल्क भोजन प्रसादी की व्यवस्था की जा रही है।