
सीहोर। चार महीनों से जर्जर पड़ी बुधनी-गडरिया नाला-शाहगंज सडक़ की सुध न लिए जाने पर आखिरकार ग्रामीणों का सब्र टूट गया। ग्रामीणों की एकजुटता और जनसहयोग मुहिम की ताकत के आगे आखिरकार प्रशासन को झुकना पड़ा। ग्रामीणों द्वारा खुद गड्ढे भरने के अल्टीमेटम और मौके पर उतरने के बाद प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सडक़ सुधार के लिए मशीनरी और मटेरियल भिजवाया, जिससे मरम्मत कार्य शुरू हो सका।
ग्रामीणों के अनुसार पिछले चार महीनों से इस मुख्य मार्ग की हालत बेहद दयनीय बनी हुई थी। सडक़ पर जगह-जगह बने गहरे गड्ढों के कारण वाहन चालकों और राहगीरों का निकलना दूभर हो गया था। आए दिन दुर्घटनाएं हो रही थीं। ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों से कई बार गुहार लगाई, लेकिन जब कोई सुनवाई नहीं हुई तो ग्रामीणों ने खुद मोर्चा संभालने का फैसला किया।
फावड़े-गैंती लेकर सडक़ पर उतरे ग्रामीण
ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष सोनू राजपूत ने गुरुवार को एसडीएम संजीव कुमार नागू से बात कर अल्टीमेटम दिया था कि यदि शुक्रवार सुबह 11 बजे तक काम शुरू नहीं हुआ तो आम ग्रामीण गैर-राजनीतिक रूप से खुद जनसहयोग से सडक़ सुधारेंगे। तय समय के अनुसार शुक्रवार सुबह 11 बजे बड़ी संख्या में ग्रामीण, किसान और स्थानीय नागरिक गैंती, फावड़े लेकर सडक़ पर एकत्र हो गए। ग्रामीणों को खुद गड्ढे भरते देख और उनके आक्रोश को भांपते ही प्रशासनिक अमला तुरंत एक्शन में आया। मौके पर तुरंत मशीनरी और गिट्टी-मटीरियल से भरा ट्रक पहुंचाया गया और लोक निर्माण विभाग ने आधिकारिक तौर पर गड्ढे भरने की शुरुआत की।
ग्रामीणों के प्रयास की हुई सराहना
इस अवसर पर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष सोनू राजपूत ने ग्रामीणों की इस साझा मुहिम की सराहना करते हुए एसडीएम का आभार जताया। उन्होंने कहा कि यह किसी दल का नहीं, बल्कि आम ग्रामीणों की सुरक्षा और हक की लड़ाई थी। ग्रामीणों की इस जागरूक पहल के कारण ही सो रहा प्रशासन जागा है। हालांकि उन्होंने यह भी मांग रखी कि गड्ढे भरना तात्कालिक समाधान है, जबकि इस मार्ग का गुणवत्तापूर्ण और स्थायी निर्माण कराया जाना जरूरी है।
अभियान में ये ग्रामीण रहे शामिल
जनसहयोग मुहिम के दौरान अपनी उपस्थिति दर्ज कराने और श्रमदान के लिए तत्पर रहने वाले प्रमुख ग्रामीणों में कपिल मल्होत्रा, राकेश यादव, हरीश मालवीय, बसंत सिंह राजपूत, संतोष राजपूत, मुकेश कुशवाहा, प्रवीण चौहान, दिनेश राजपूत, धनराज यादव, अरुण यादव, गौरी यादव, अशोक यादव, मोहित मराठा और अजेश मराठा सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी शामिल रहे।