सुख-समृद्धि देने हाथी पर सवार होकर आएंगी माता रानी, पूरे 9 दिन का होगा शारदीय नवरात्र

सीहोर। आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से शारदीय नवरात्र का पावन पर्व शुरू होने जा रहा है। इस बार नवरात्र पूरे नौ दिनों का होगा और देवी दुर्गा का आगमन हाथी पर होगा, जो देश और श्रद्धालुओं के लिए सुख-समृद्धि, आर्थिक प्रगति और कल्याण का संकेत माना जा रहा है।

बालाजी ज्योतिष अनुसंधान केंद्र के ज्योतिषाचार्य पंडित सौरभ गणेश शर्मा के अनुसार नवरात्र की शुरुआत चित्रा नक्षत्र में हो रही है। श्रीमद् देवी भागवत ग्रंथ की मान्यता के अनुसार नवरात्र के पहले दिन पडऩे वाले वार दिन से ही माता रानी के वाहन का निर्धारण होता है। इस बार घटस्थापना के दिन माता रानी हाथी पर सवार होकर आएंगी।
हाथी की सवारी का धार्मिक महत्व
धार्मिक मान्यताओं में हाथी को स्थायित्व, वैभव और समृद्धि का प्रतीक माना गया है। इसलिए इस बार का नवरात्र आर्थिक और पारिवारिक दृष्टि से अत्यंत अनुकूल और शुभ फलदायी रहेगा। ज्योतिषाचार्य पंडित शर्मा ने बताया कि इस अवधि में देश के आर्थिक क्षेत्र में वृद्धि देखने को मिलेगी, हालांकि कुछ क्षेत्रों में हल्का उतार-चढ़ाव भी संभव है। विशेष रूप से भारतीय निर्यात नीति और व्यापारिक पक्षों पर इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
नहीं है किसी तिथि का क्षय, पूरे 9 दिन का पर्व
इस बार नवरात्र में किसी भी तिथि का घटत नहीं हो रहा है, जिससे साधना और अनुष्ठान के लिए पूरे नौ दिनों का संपूर्ण कालखंड मिलेगा। गृहस्थ श्रद्धालु अपनी कुल परंपरा के अनुसार नौ दिनों तक देवी की पूजा-अर्चना और व्रत-नियमों का पालन करेंगे।
नवरात्र में खरीदारी और साधना के शुभ योग
नवरात्र के दौरान साधना के साथ-साथ नई खरीदारी के लिए कई अति-शुभ योग बन रहे हैं।
14 अक्टूबर चतुर्थी: अमृत सिद्धि योग
18 अक्टूबर सप्तमी: सर्वार्थ सिद्धि योग
19 अक्टूबर महाअष्टमी: सर्वार्थ सिद्धि योग
इन सभी शुभ तिथियों पर रवियोग का विशेष संयोग भी रहेगा। ज्योतिषाचार्य के अनुसार इन शुभ योगों में की गई साधना विशेष फल देती है। साथ ही भूमि, भवन, संपत्ति, वाहन, आभूषण और वस्त्र आदि की खरीदारी करना बेहद शुभ और लाभकारी रहेगा।

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