आउटसोर्स कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर सौंपा ज्ञापन, श्रम मंत्री से लगाई न्याय की गुहार

सीहोर। जिले के सरकारी विभागों, अस्पतालों और स्कूलों में काम करने वाले आउटसोर्स और ठेका कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर आवाज उठाई है। मध्य प्रदेश राज्य आउटसोर्स कर्मचारी संघ के आह्वान पर कर्मचारियों ने जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर डिप्टी कलेक्टर किरण वरवड़े को एक ज्ञापन सौंपा।
कर्मचारियों ने जिला श्रम अधिकारी के जरिए प्रदेश के श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल को पत्र भेजकर मांग की है कि उन्हें समय पर वेतन, पीएफ, ईएसआईसी और बोनस की सुविधा दी जाए।
समय पर नहीं मिलता वेतन
कर्मचारियों ने बताया कि सरकारी दफ्तरों, अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों में सेवाएं देने के बावजूद उन्हें कई-कई महीनों तक वेतन नहीं मिलता है। समय पर मानदेय न मिलने के कारण उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। घर का खर्च चलाना, बच्चों की फीस भरना और परिवार का पालन-पोषण करना मुश्किल हो रहा है। संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि जब तक कर्मचारियों को उनकी मेहनत का पूरा और समय पर फल नहीं मिलेगा, तब तक उनका शोषण होता रहेगा। संघ ने मांग की है कि ठेकेदारों और एजेंसियों पर कड़ाई की जाए ताकि वे श्रम नियमों के तहत न्यूनतम वेतन और अन्य सुविधाएं कर्मचारियों को दें।
ज्ञापन सौंपने में ये लोग रहे शामिल
ज्ञापन सौंपते समय संघ के प्रदेश अध्यक्ष आशीष सिंह सिसोदिया, प्रदेश महामंत्री प्रकाश पुंज चौधरी, जिलाध्यक्ष अरविंद शर्मा, संवाद प्रभारी रत्नेश शेव, जागृति ठाकुर, प्रकाश मालवीय, भूपेंद्र वर्मा, अंतर मीणा, मोहन मेवाड़ा, शुभम, हरीश राठौर सहित कई सदस्य और कर्मचारी मौजूद रहे।



