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नपा सीएमओ की बिजली कंपनी को दोटूक, ऐसे काम नहीं चलेगा, पत्र लिखकर जताई नाराजगी

सीएमओ ने महाप्रबंधक को लिखा पत्र, लापरवाह कर्मचारियों पर कार्रवाई और टाइमर लगाने की मांग

सीहोर। शहर में स्ट्रीट लाइटों के समय पर चालू और बंद न होने को लेकर बिजली विभाग की घोर लापरवाही पर नगर पालिका प्रशासन ने अब आक्रामक रुख अपना लिया है। बिजली कर्मचारियों की मनमानी के कारण एक तरफ जहां शाम होते ही शहर अंधेरे में डूब जाता है, वहीं दूसरी तरफ दिनदहाड़े जलती लाइटों से नपा के खजाने पर बेवजह वित्तीय बोझ बढ़ रहा है।
इस पूरी अव्यवस्था से नाराज नगर पालिका परिषद के मुख्य नगरपालिका अधिकारी ने मध्य प्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के महाप्रबंधक को पत्र भेजकर दोटूक शब्दों में साफ कर दिया है कि ऐसे काम नहीं चलेगा। सीएमओ ने जिम्मेदार कर्मचारियों पर तत्काल सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
दिन में बिजली की बर्बादी
नगर पालिका द्वारा भेजे गए पत्र में इस बात पर कड़ा एतराज जताया गया है कि सुबह के समय बिजली विभाग के कर्मचारी मेन स्विच बंद करना भूल जाते हैं। इसके चलते दोपहर तक पूरे शहर में स्ट्रीट लाइटें धड़ल्ले से जलती रहती हैं। दिन में बिना वजह बिजली खपत होने से ऊर्जा की बर्बादी तो हो ही रही है साथ ही भारी-भरकम बिजली बिलों का सीधा भुगतान नगर पालिका को करना पड़ रहा है। नपा प्रशासन का स्पष्ट कहना है कि बिजली कंपनी की इस लापरवाही का खामियाजा पालिका को अपने बजट से अनावश्यक वित्तीय क्षति के रूप में भुगतना पड़ रहा है।
फोन घुमाने के बाद देर रात जगमगाती हैं सडक़ें
बता दें मामला सिफ दिन में लाइटें जलने तक ही सीमित नहीं है। शाम ढलते ही जब सडक़ों पर रोशनी की सख्त दरकार होती है, तब मेन स्विच ऑन नहीं किया जाता। पत्र के अनुसार सीहोर शहर सीमा के अंतर्गत जोन क्रमांक 1 और जोन क्रमांक 2 के अधीन कर्मचारियों को लाइटें चालू व बंद करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके बावजूद नपा कर्मचारियों द्वारा बार-बार फोन करके याद दिलाने के बाद ही कहीं जाकर रात 9 से 10 बजे के बीच शहर की लाइटें चालू की जाती हैं। देर रात तक सडक़ों पर अंधेरा पसरा रहने से राहगीरों और वाहन चालकों को हादसों का डर बना रहता है।
मई में भी चेताया गया था, लेकिन ढर्रा नहीं बदला
सीएमओ ने पत्र में संदर्भ देते हुए याद दिलाया कि इससे पहले 21 मई को भी पत्र क्रमांक 2158 बिजली कंपनी को पत्र लिखकर इस अव्यवस्था में सुधार करने का आग्रह किया गया था। इसके बावजूद बिजली विभाग के ढर्रे में कोई सुधार नहीं आया और आम नागरिकों तथा जनप्रतिनिधियों की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं।
सीएमओ ने रखीं 3 प्रमुख मांगें
– जोन 1 और जोन 2 के सहायक यंत्रियों एवं मैदानी कर्मचारियों को स्ट्रीट लाइटें निर्धारित समय पर चालू व बंद कराने के कड़े निर्देश दिए जाएं।
– ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले बिजली कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए।
– भविष्य में नपा को हो रहे आर्थिक नुकसान को रोकने के लिए ऑटोमैटिक टाइमर जैसी ठोस और स्थाई व्यवस्था तुरंत लागू की जाए।

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