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पॉलीथिन का उपयोग करने वाले दुकानदारों पर नपा की टीम ने की कार्रवाई, जुर्माना भी वसूला

सीहोर। प्रतिबंध के बाद भी बाजारों में धड़ल्ले से अमानक पॉलीथिन का उपयोग हो रहा है। शहर में दुकानों पर व्यापारी से लेकर हाथ ठेले वाले सामान खरीदने पर ग्राहकों को पॉलीथिन में ही सामान दे रहे हैं। पॉलीथिन के कारण नालियां जाम हो रही हैं। इसके साथ प्रदूषण भी हो रहा है। इसको लेकर नगर पालिका सीएमओ योगेन्द्र पटेल के निर्देश पर नगर पालिका टीम ने सिंगल यूथ प्लास्टिक और पालीथिन का उपयोग करने वाले ऐसे 10 दुकानदारों चलानी कार्रवाई की है। वहीं नगर पालिका अध्यक्ष प्रिंस राठौर ने प्रतिबंधित पालीथिन का उपयोग नहीं करने की अपील की है, क्योंकि पॉलीथिन का उपयोग कर फेंक दिए जाने के बाद यह आसानी से नष्ट नहीं होती है। यह जमीन में जहां भी होती है वहां एक परत का काम करती है। इससे वाटर रिचार्ज नहीं हो पाता। नगर पालिका के अमले द्वारा कई दुकानदारों पर समझाइश देने के साथ ही नपा टीम में शामिल अधिकारियों ने व्यापारियों के ठेलों व दुकानों पर मिली प्रतिबंधित पॉलीथिन को लेकर संकल्प दिलाया। इस दौरान नपाकर्मियों ने व्यापारियों को हिदायत भी दे डाली। उन्होंने कहा कि प्रतिबंधित पालीथिन का उपयोग किया तो सीधे कार्रवाई होगी। इसके लिए नियमित रूप से चेकिंग करेंगे। जिस व्यापारी के पास पॉलीथिन मिली। उनसे आॅन द स्पॉट फाइन वसूला जाएगा। इधर व्यापारियों ने भी कपड़े के थैले का उपयोग करने का भरोसा दिलाया है। नपा के अमले का कहना है कि पॉलीथिन में पैक कर कूड़े को फेंकना भी जानवरों के लिए खतरनाक साबित हो रहा है। जिस पॉलीथिन में हम अपने कूड़े को रखकर बाहर फेंकते हैं, कई बार सड़क पर विचरण कर रहीं गाय या अन्य जानवर उन्हें खा लेते हैं। जो जानवरों के पेट में जमकर पूरे पाचन तंत्र को जाम कर देते हैं और मवेशी की मौत हो जाती है।

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